मोदी सरकार ने योगी सरकार को बड़ी राहत दी है। यूपी के सभी जिलों में ईंज ऑफ डूइंग के क्षेत्र में किए गए सुधारों को बेहतर माना है। अब इसका लाभ अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा। अब यूपी अपने राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 2 प्रतिशत ज्यादा कर्ज ले सकेगा।
जहां ईंज ऑफ डुइंग बिजनेस के सुधारों को लागू करने से केन्द्र सरकार ने ईंज ऑफ डूइंग बिजनेस में किए गए सुधारों के लिए उत्तर प्रदेश को 4851 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने के लिए मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश का साथ-साथ गुजरात औरउत्तराखंड भी अतिरिक्त कर्ज ले सकेंगे।
असल मे केन्द्र सरकार ने जुलाई, 2020 में राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर उन शर्तों के बारे में बताया था। जिन पर काम करने के बाद राज्य जीएसडीपी की 2 प्रतिशत अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति मिल जाएगी। इसके तहत जिन 15 राज्यों को अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी गई है। उसमें उत्तर प्रदेश सबसे अधिक कुल 4851 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकता है। जिसका इस्तेमाल राज्य सरकार विकास कार्यों में कर सकती है।
इस काम में इन्वेस्ट यूपी की इज ऑफ डूइंग बिज़नेस टीम की खास भूमिका मानी जा रही है। असल मे कोरोना के कारण राज्यों की राजस्व वसूली से होने वाली आय में कमी आई है। इस कारण राज्य लगातार कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे।