आस्था

मेरी वाली दीवाली की यादें

मेरी वाली दीवाली की यादें

Date : 15-Nov-2019
यूं तो दीवाली को बीते हुए एक महीने होने वाले हैं लेकिन यादों के पिटारे से आज फिर दीवाली के दिनों याद आयी।मेरी वाली दीवाली जो घर के सजावट की तैयारी के साथ शुरू होती है ,घर में खुशियों की लहर दौड़ जाती है ,दीवाली में बहुत से काम होते हैं जैसे रंगोली के डिज़ाइन पहले से ही खोजना और फैशन ट्रेंड के अनुसार कपड़े लेना ऐसे शुरू होती है ।मेरी वाली दीवाली, दीवाली के पहले दिन नए सामानों की खरीदारी करते हैं रात में घर के बाहर रंगोली के साथ कच्चे मिट्टी का दीया जलाते हैं ।वही दूसरे दिन आटे के दीये जलाते हैं ,तीसरे दिन लक्ष्मी पूजा करके बड़ो का आशीर्वाद लेकर पटाखे फोड़ते हैं। हमारे यहां गोवर्धन पूजा के दिन कुलदेवता की पूजा करते है इसके बाद आता है, भाई दूज जिस दिन हम अपने भाइयों का तिलक करके, मिठाई खिलाकर उनकी मंगलकामना करते हैं। दीवाली का त्योहार ऐसा त्योहार है जिसमें कुछ दिनों के लिए अपने दुख को भुलाकर अपने परिवार के साथ मिलजुलकर मनाते हैं। खुशबू चंदेल, छात्र (पत्रकारिता)

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