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मेरी वाली दीवाली - वायू प्रदूषण बनी बड़ी समस्या

मेरी वाली दीवाली - वायू प्रदूषण बनी बड़ी समस्या

Date : 15-Nov-2019
विद्वानों के अनुसार आतिशबाजी के दौरान इतना वायु प्रदूषण नहीं होता जितना आतिशबाजी के बाद। जो प्रत्येक बार पूर्व दीवाली के स्तर से करीब चार गुना बदतर और सामान्य दिनों के औसत स्तर से दो गुना बुरा पाया जाता है। इस अध्ययन की वजह से पता चलता है कि आतिशबाज़ी के बाद हवा में धूल के महीन कण हवा में उपस्थित रहते हैं। यह प्रदूषण स्तर एक दिन के लिए रहता है, और प्रदूषक सांद्रता 24 घंटे के बाद वास्तविक स्तर पर लौटने लगती है।अत्री एट अल की रिपोर्ट अनुसार नए साल की पूर्व संध्या या संबंधित राष्ट्रीय के स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर आतिशबाजी समारोह होते हैं जो ओजोन परत में छेद के कारक हैं। नीति आयोग (NITI Aayog) ने उद्योगों और संबद्ध क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिये निम्नलिखित एक्शन पॉइंट्स अर्थात् कार्यवाही बिंदु तैयार किये हैं। इसके अंतर्गत मंत्रालयों और विभागों को छोड़कर शासन के सभी स्तरों पर समेकित कार्रवाई की मांग की गई है। - याशिता शर्मा, छात्र (पत्रकारिता)

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