छत्तीसगढ़

सरकारी तालाब पाटने का मामला, भूलाटोला के ग्रामीण पहुॅचे कलेक्टर आफिस

सरकारी तालाब पाटने का मामला, भूलाटोला के ग्रामीण पहुॅचे कलेक्टर आफिस

Date : 19-Jan-2021

खैरागढ़। भूलाटोला में सरकारी तालाब को पटवाने वाले सरपंच, पटवारी के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसडीएम सहित जिला और जनपद सीईओ को ज्ञापन सौंपा। रामाधार जंघेल, धनंजय जंघेल, चंद्रेश वर्मा, मानिकदास, भागबली, कन्हैया, रूपलाल, चंद्रकुमार मरकाम, राधेश्याम, गौरव शर्मा, चैनदास, चंद्रनाथ वर्मा सहित अन्य ने अधिकारियो को सौंपे ज्ञापन में कहा कि गांव में निस्तारी को लेकर बारह तेरह साल पहले तत्कालीन सरपंच द्वारा भाठाखार में खसरा नंबर 528 मे 1.8210 हेक्टेयर सरकारी जमीन में मनरेगा तहत तालाब निर्माण कराया गया था। उसके लगभग 80 डिसमिल हिस्से मे वर्तमान सरपंच राजेश्वरी गोड़ द्वारा मिट्टी डलवाकर पाट दिया गया है, ग्रामीणों ने बताया कि इस काम में सरपंच द्वारा मनरेगा जॉब कार्डधारी मजदूरों को लगाया गया था। इसका विरोध करने पर सरपंच पति द्वारा कार्यस्थल में मजदूरों को उक्त जमीन अपनी बताकर बरगलाते हुए हस्ताक्षर करा लिया गया। जबकि तालाब निर्माण के समय और वर्तमान में निकाले जमीन के रिकार्ड से स्पष्ट पता चल रहा है कि उक्त खसरा नंबर में निर्मित तालाब सरकारी जमीन पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर ग्राम पंचायतों में सरपंच अतिक्रमण हटाने और व्यवस्थापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है, लेकिन भूलाटोला पंचायत में सरपंच पटवारी के साथ मिलीभगत कर सरकारी जमीन में बेजा कब्जा कर रहा है। ग्रामीणों ने सरपंच के साथ पटवारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उक्त खसरा का नए सिरे से सीमांकन कराया जाए और सरकारी जमीन विशेष रूप से तालाब पाटने के दोषी पाए जाने पर सरपंच राजेश्वरी गोड़ और पटवारी ममता शोरी पर कारवाई के साथ साथ पुन: तालाब निर्माण के लिए खर्च होने वाली संभावित राशि वसूली जाए।

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