राजनीति

दबंग व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे सांसद शिवेंद्र बहादुर

दबंग व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे सांसद शिवेंद्र बहादुर

Date : 09-Jan-2021

राजनांदगांव। राजनांदगांव के राजगामी संपदा न्यास में पूर्व सांसद शिवेंद्र बहादुर सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए समाज में दिए गए उनके योदगानों को याद किया। कांग्रेसजनों ने कहा कि, स्वर्गीय शिवेंद्र बहादुर जैसे व्यक्तित्व बिरले ही मिलते हैं। जयंती कार्यक्रम की शुरूआत में कांग्रेस के वरिष्ठजनों ने उनके तैलचित्र पर माल्यर्पण किया।
तत्पश्चात समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक इमरान मेमन ने कहा कि मैं जनपद सदस्य था, तो उन्होंने मुझे विधानसभा के काबिल समझा। उन्हीं की बदौलत मुझे विधानसभा की टिकट मिली। वर्तमान में भी मैं किसी नेतृत्व की खामी नहीं निकाल रहा, लेकिन आज उनके ही जैसे नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके नेतृत्व में हर कार्यकर्ता गौरवान्वित महसूस करता था, खुद को शिवेंद्र समझता था। मुझे अच्छे से याद है, तब राजनांदगांव में गीतांजलि एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं था। यात्रियों ने शिवेंद्र बहादुर जी से मुलाकात की। उन्हें अपनी परेशानी बताई। बोले मुंबई-हावड़ा आने-जाने में दिक्कत होती है। यह सुनने के बाद उन्होंने तत्कालीन रेल राज्यमंत्री सुरेश कालमाड़ी से फोन पर बात की और कहा कि गीतांजलि एक्सप्रेस राजनांदगांव में रुकनी चाहिए। इसके बाद कोलकाता के रेलवे हेड ऑफिस में भी बात की। इसके तीन-चार दिन बाद राजनांदगांव में गीतांजलि के स्टॉपेज का आदेश जारी हो गया। वे छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने के पक्षधर थे। इसी मुद्दे को लेकर एक बार भिलाई में बैठक हुई थी। उस बैठक में केयूर भूषण, पवन दीवान, अरविंद नेताए, मनकूराम सोनी और चंदूलाल चंद्राकर आदि नेता भी मौजूद थे। वहां शिवेंद्र बहादुर जी ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के खनिज भंडारों का लाभ दूसरे राज्यों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में नाकेबंदी की जाए। उन्होंने लोकसभा में भी छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बनाने के लिए आवाज बुलंद की थी।
कांग्रेस नेता उमेश जोशी ने कहा, पहले कमला कॉलेज रेलवे स्टेशन के पास था। इसके लिए बसंतुपर में भवन निर्माण की रूपरेखा बनी। भूमिपूजन से पहले तत्कालीन विधायक बलबीर खनूजा ने आपत्ति दर्ज कराई थी, कहा था कि यह शहर से काफी दूर है। लड़कियों को आने-जाने में असुविधा होगी। तब शिवेंद्र बहादुर जी ने खनूजा जी की शंका का समाधान किया और छात्राओं के लिए बस की सुविधा मुहैया कराई। वे बोले राजनांदगांव का बढ़ना जरूरी है। आज देखिए, शहर का विस्तार हुआ और बसंतपुर विकसित हो गया।
गुजरे समय की यादें ताजा करते हुए राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक ने कहा, भोरमदेव के एक कार्यक्रम में स्व. राजीव गांधी मौजूद थे। इस दौरान शिवेंद्र बहादुर जी ने मंच से ही कहा था कि मेरी राजनीति राजीव गांधी से शुरू होकर उन्हीं पर खत्म हो जाती है। यही नहीं, शिवेंद्र जी राजनांदगांव को एग्रीकल्चर हब बनाना चाहते थे। मोंगरा, सुतियापाठ आदि जलाशय उन्हीं की देन है। बीएनसी (बंगाल नागपुर कॉटन) मिल तब घाटे में चल रही थी, लेकिन वे बंद करने के पक्ष में कभी नहीं थे। उन्होंने ही डोंगरगढ़ में नवोदय खुलवाया और केंद्रीय विद्यालय भी। शिवेंद्र बहादुर जी की छवि हमेशा पार्टी में एक दबंग व्यक्तितिव की रही। वे दबंगता से बात करते और वैसे ही काम भी करवाते थे। स्व. शिवेंद्र बहादुर की जयंती समारोह को प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू ने भी संबोधित किया और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया।
गौरतलब है कि, शिवेंद्र बहादुर खैरागढ़ राजपरिवार के युवराज थे। उनका जन्म 7 जनवरी 1943 को नागपुर में हुआ था। उनके पिता राजा वीरेंद्र बहादुर राजनांदगांव के पहले सांसद हुए। फिर माता पद्मादेवी सिंह सांसद बनीं। इसके बाद उनके बाल सखा राजीव गांधी के कहने पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें टिकट दी और 1984 में हुए लोकसभा चुनाव में वे राजनांदगांव सीट से सांसद चुने गए। इससे पहले 1977 में उन्हें खैरागढ़ विधासभा क्षेत्र से पहली बार टिकट मिली थी, लेकिन उनकी हार हुई। राजनांदगांव की राजनीति में एक वक्त ऐसा भी था, जब उनका एकक्षत्र राज रहा। शिवेंद्र बहादुर के जानने वाले कहते हैं कि अविभाजित मध्यप्रदेश में सरकार राजनांदगांव के सारे फैसले उन्हीं पर छोड़ देती थी। शिवेंद्र बहादुर को 1989 में एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इसके दो साल बाद हुए चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई। इसी तरह कई उतार-चढ़ाव के बाद 31 दिसंबर 1999 को उनका निधन हो गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्रीकिशन खंडेलवाल, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह परिहार, संजय वाजपेयी, उमेश जोशी, रमेश राठौर, संजय बाजपेयी, अंजूम अल्वी, हफीज खान, इकरामुद्दीन सोलंकी, गोवर्धन देशमुख, राजगामी के सदस्य रमेश खंडेलवाल, मिहिर झा, एल्डरमैन एजाजुर रहमान, कुतबुद्दीन सोलंकी, आसिफ अली व रोशनी सिन्हा समेत अन्य कांग्रेसजन उपस्थित हुए।

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