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अपने मूलांक से जाने कैसा होगा आपका 2021

Date : 01-Jan-2021


नई दिल्ली। हर किसी के मन में ये जिज्ञासा रहती है कि नया साल उनके लिए कैसा रहेगा. साल 2021 को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है। जन्म तिथि का हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है. इसे मूलांक भी कहा जाता है। आइए अंक ज्योतिष से जानते हैं कि अगला साल किन लोगों के लिए शुभ रहेगा और किन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मूलांक को जानने का सरल उपाय यह है कि यदि आपका जन्म 15 तारीख को हुआ है, तो आप एक और पांच को जोड़ लें यानी छह आपका मूलांक होगा। इसी तरह जन्म तारीख के अंकों का जो जोड़ होगा वहीं आपका मूलांक होगा। 

मूलांक 1- 1, 10, 19, 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है. साल 2021 मूलांक 1 वालों के लिए सामान्य रहने वाला है। वर्ष की शुरुआत से ही आपको अपने अंदर एक नई ऊर्जा का एहसास होगा। कार्य क्षेत्र में आप खूब मेहनत करेंगे और आपकी ये मेहनत जल्द रंग लाएगी। ऑफिस के काम में आपको सफलता मिलेगी।प्रमोशन के पक्के योग बन रहे हैं। छात्रों के लिए भी साल 2021 बहुत अच्छा है। हालांकि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को बहुत मेहनत करनी पड़ेगी। व्यापार से जुड़े लोगों को इस साल सावधानी से काम लेना होगा। 2021 में किसी भी तरह का निवेश ना करें तो ही अच्छा होगा। वर्ष के मध्य में आपका बिजनेस सही दिशा में आगे बढ़ेगा। आर्थिक तौर पर यह साल आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। पारिवारिक जीवन बढ़िया रहेगा। दांपत्य जीवन में कुछ मतभेद आ सकते हैं जिन्हें आप जल्द दूर कर लेंगे।
 

मूलांक 2- 2, 11, 20, 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 2 होगा. नया साल मूलांक 2 में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है। इस साल आपको आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने में सफलता मिलेगी। इस साल आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करेंगे। प्रेम संबंधों के लिए ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है। आप अपने रिश्ते में आगे बढ़ेंगे और विवाह के बारें में विचार करेंगे। नौकरी वालों के इस साल आपके ट्रांसफर के योग बनेंगे। इस साल लोगों के बीच आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी। शादीशुदा लोगों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस साल आप किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा और लोगों के साथ आपका स्नेह बढ़ेगा। इस साल अपने लिए भी कुछ समय निकालें।
 

मूलांक 3-  3, 12, 21, 30 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 3 होता है। मूलांक 3 वालों के लिए वर्ष 2021 सामान्य रहने वाला है। इस साल आपके कुछ जरूरी कार्यों में रुकावट आ सकती है। आप आध्यात्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। छात्र इस साल शुरूआत से ही मेहनत करेंगे।  प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने की पूरी संभावनाएं बनेंगी। प्रेम संबंधों के लिए यह साल सामान्य रहने वाला है। कुछ लोगों का प्रेम विवाह हो सकता है। सरकारी क्षेत्र में आपको लाभ हो सकता है। नौकरी कर रहे लोगों को इस साल शुभ समाचार मिल सकते हैं. इस साल आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। इस साल आपके खर्चे बहुत बढ़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। आपकी आमदनी इस साल ठीक रहेगी. साल 2021 में आपको मानसिक रूप से मजबूत रहना होगा।

मूलांक 4- 4, 13, 22, 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 4 होता है। साल 2021 मूलांक 4 वालों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आ रहा है। इस साल आपकी ईमानदारी काम आएगी। आपकी लगनशीलता आपको इस साल सफलता दिलाएगी। आप की बहुत सारी इच्छाएं इस साल पूरी हो जाएंगी और आप खुशी का अनुभव करेंगे। नए साल में आपकी लव लाइफ आगे बढ़ेगी। यह साल प्यार से भरा रहेगा. विद्यार्थियों के लिए साल की शुरुआत अच्छी रहेगी। साल के मध्य में प्रतियोगिता में सफलता के प्रबल योग बनेंगे।  मैनेजमेंट, सोशल सर्विस, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए ये साल उत्तम परिणाम लेकर आएगा। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी साल 2021 लाभ लेकर आ रहा है। आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आपको धन लाभ होगा. शादीशुदा जीवन के लिए नया साल सामान्य रहेगा. साल के मध्य में कुछ समस्याएं आ सकती हैं।

मूलांक 5- 5, 14, 23 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 5 होता है. साल 2021 मूलांक 5 वालों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा क्योंकि वर्ष 2021 का कुल योग 5 (2+0+2+1=5) है। मूलांक 5 वाले लोगों को इस साल का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करनी चाहिए। इस साल आपकी सेहत अच्छी रहेगी और आप पूरी मेहनत से चुनौतियों का सामना करेंगे। इस साल छात्रों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। इस साल आपको मेहनत का फल मिलेगा। प्रेम संबंधों के लिए भी ये साल बहुत अच्छा रहने वाला है। कुछ लोगों का प्रेम विवाह भी हो सकता है। पारिवारिक जीवन में कुछ उथल-पुथल हो सकती है। नौकरी करने वालों को साल 2021 में खुद पर ध्यान देने की जरूरत होगी। आर्थिक स्थिति से ये साल आपके लिए मिलाजुला रहेगा। व्यापार करने वालों को विदेशी संपर्कों का लाभ मिलेगा।
 
मूलांक 6-  6, 15, 24 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होता है. अंक ज्योतिष के अनुसार यह वर्ष आपके लिए उत्तम परिणाम देने वाला साबित होगा। इस पूरे साल आप अपने प्रियतम को प्रसन्न रखने की कोशिश करेंगे। किसी लंबी यात्रा पर जानेंगे योग बनेंगे। विद्यार्थियों के लिए साल 2021 काफी अच्छा रहने वाला है। इस साल आप पढ़ाई में पूरी तरह मन लगाएंगे। आपको मेहनत के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। साल की शुरूआत पारिवारिक जीवन के लिए अच्छी रहेगी. आपके मन में सबके लिए स्नेह की भावना रहेगी। इस साल आपकी नौकरी बदलने की पूरी संभावना है। इसमें आपको ज्यादा संतुष्टि मिलेगी। बिजनेस से जुड़े लोगों को इस साल जबरदस्त लाभ मिलेंगे। रिश्तो के मामले में आप काफी ईमानदार रहेंगे।  इस साल आपको अपनी क्षमताओं का आंकलन करना चाहिए।


मूलांक 7-  7, 16, 25 तिथि को जन्‍मे लोगों का मूलांक 7 होता है. मूलांक 7 वाले लोगों के लिए साल उन्नतिशील रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आपकी आमदनी बढ़ेगी। धन की प्रबलता से आप अपनी कई इच्छाओं को इस साल पूरा करने में सफल रहेंगे. छात्रों को इस साल पढ़ाई पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। मेहनत से हीआपको सफलता का परिणाम मिलेगा, इसलिए खूब मेहनत करें. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। शादीशुदा लोगों को कुछ तनाव का सामना करना पड़ सकता है लेकिन साल आगे बढ़ने के साथ आप दोनों का रिश्ता मजबूत होगा। कार्यक्षेत्र में आप पूरी जिम्मेदारी से काम करेंगे और अपने आस-पास लोगों की भी मदद करेंगें। बिजनेस करने वालों को इस साल व्यापार में लाभ होगा।
 
मूलांक 8- 8, 17, 26 को जन्‍मे लोगों का मूलांक आठ होता है।मूलांक 8 वालों के लिए वर्ष 2021 सामान्य रहेगा। इस साल अपने गंभीर व्यक्तित्व से बाहर निकलकर व्यवहारिक जीवन जीने की कोशिश करें। इस साल आप अपने जीवन साथी के और करीब आएंगे। प्रेम संबंध में हैं तो ये साल आप अपने प्रियतम के लिए कुछ नया करने की हिम्मत दिखाएंगे। प्रेम विवाह के भी योग बन रहे हैं। इस साल आपको अपनी सेहत पर बहुत ध्यान देने की जरूरत होगी। संतुलित दिनचर्या का पालन करते हुए सेहत की समस्याओं से बच सकते हैं। नौकरी करने वाले लोगों के लिए यह साल अच्छा रहेगा। आपको साथी कर्मचारियों का सहयोग मिलेगा। इस साल आपका व्यापार तेजी से आगे बढ़ेगा और आपको लाभ ही लाभ होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। इस वर्ष आप काफी खुशी का अनुभव करेंगे और कई नई चीजों का अनुभव करेंगे।

मूलांक 9- 9, 18, 27 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 9 होगा. साल 2021 मूलांक 9 वालों के लिए काफी प्रगतिशील रहने वाला है। इस साल आपको बहुत कुछ सीखना होगा. अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं तो अपने खर्चों पर लगाम लगाने की कोशिश करें। पारिवारिक जीवन में संतुलन बना रहेगा और परिवार में एक दूसरे के प्रति प्रेम और स्नेह की भावना रहेगी। छात्रों को इस साल खूब मेहनत करनी होगी जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। नौकरी कर रहे लोगों के लिए साल की शुरुआत अच्छी रहेगी, पदोन्नति या वेतन में वृद्धि हो सकती है। बिजनेस कर रहे लोगों के लिए भी साल 2021 अच्छा रहने वाला है। आपकी योजनाएं सही तरीके से काम करेंगी और पार्टनर का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। साल 2021 में सेहत अच्छी रहेगी लेकिन आंखों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है।

शिव के अंशावतार है, कालभैरव, जानिए पूजाविधि और शुभ मुहूर्त

Date : 19-Nov-2019

Signs of Death : महादेव ने बताए हैं मृत्यु के ऐसे संकेत, जानिए कैसी होती है मौत की आहट
Publish Date: | Tue, 19 Nov 2019 05:14 PM (IST)
Signs of Death : महादेव ने बताए हैं मृत्यु के ऐसे संकेत, जानिए  कैसी होती है मौत की आहट
Signs of Death : मनुष्य को अपनी मौत से पहले विशेष तरह के संकेत मिल जाते है, जिससे मृत्यु का आभास हो जाता है।


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मल्टीमीडिया डेस्क। मानव जीवन जन्म और मृत्यु के बीच के चक्र में घूमता रहता है। किसी इंसान ने यदि जन्म लिया है तो उसकी मृत्यु भी निश्चित है। मानव अपने जीवन और मोक्ष के बीच की यात्रा के दौरान जिंदगाी के कई पहलूओं को देखता है और अंत में ब्रह्मांड की अनन्त गहराईयों में विलिन हो जाता है। मनुष्य की मृत्यु से पहले कुछ खास संकेत दिखाई देते हैं। भगवान शिव ने कुछ ऐसे संकेतों को बताया है जो मानव के अंतिम क्षणों से पहले दिखाई देते हैं।

सांसें देती है मृत्यु के संकेत

जिस व्यक्ति की मृत्यु निकट होती है उसको अपना चेहरा दर्पण में दिखाई नहीं देता है और किसी ओर का चेहरा होने का भ्रम होता है। चांद, सूरज और आग की रोशनी न देख पाने वाला व्यक्ति भी ज्यादा दिनों तक नहीं जी पाता है। पानी, तेल या दर्पण में परछाई दिखाई ना दे या विकृत दिखाई दे तो ऐसा इंसान सिर्फ छह महीने तक जी पाता है। श्वांस यदि बहुत धीमे चल रहा है तो मृत्यु दो-तीन दिनों में हो सकती है।

Kaal Bhairav Ashtami 2019: यदि कोई व्यक्ति सिर्फ दाहिनी नासिका से श्वांस ले पा रहा है तो यह गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की सूचक है। ऐसे व्यक्ति की मृत्यु आने वाले तीन साल में हो सकती है। यदि दक्षिणी सांस लगातार दो-तीन दिन तक चलता रहे तो ऐसा व्यक्ति सिर्फ एक साल जी पाता है।

यदि दोनों नथुनों से 10 दिन तक लगातार ऊंचा सांस चल रहा है तो वह व्यक्ति तीन दिन में दम तोड़ देता है। यदि सांस नाक को छोड़कर सिर्फ मुंह से चलने लगे तो आने वाले दो दिनों में उसकी मृत्यु हो सकती है। जिस व्यक्ति के मल, मूत्र और वीर्य और छींक एकसाथ गिरते हैं। उसकी उम्र का केवल एक साल बचा हुआ समझना चाहिए। जिस व्यक्ति के वीर्य, नख और नेत्रों का कोना नीले या काले हो जाएं तो ऐसा मनुष्य छह से एक साल के बीच मृत्यु को प्राप्त हो जाता है।

  • दर्द का अहसास देता है कितनी बाकी है जिंदगी

यदि किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला या सफेद पड़ जाए और ऊपर से कुछ लाल दिखाई देने लगे तो ऐसे इंसान की मृत्यु छह माह में होने की संभावना है। जिस व्यक्ति को रंगों की समझ ना रहे और स्वाद का भी पता ना चले तो ऐसे व्यक्ति की मौत आगामी छह माह में हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति की मुंह, जीभ, कान, आंखें, नाक पथरा जाए तो समझ लेना चाहिए ऐसे इंसान की मृत्यु छह माह बाद हो सकती है।

जिस व्यक्ति की जीभ फूल जाए, दांतों से मवाद निकलने लगे और सेहत ज्यादा खराब हो तो ऐसे व्यक्ति की मौत भी छह माह में हो सकती है। यदि इंसान के शरीर पर काली, लाल और नीली रेखाएं उभर आए तो उन मानव के जीनव पर मौत का खतरा मंडराने लगता है। यदि व्यक्ति अपने केश और रोम पकड़कर खींचे और दर्द न हो तो उसको अपनी आयु पूर्ण मान लेना चाहिए। कान बंद करने पर आवाज सुनाई ना दे, शरीर में अचानत मोटापे या दुबले होने के लक्षण दिखाई दे तो एक माह में मृत्यु हो सकती है।

  • कुत्ता भी बताता है मौत नजदीक है

मृत्यु के तीन-चार दिन पहले व्यक्ति को अपने आसपास किसी साए के होने का अहसास होता है। यह भी माना जाता है की व्यक्ति को अपने पूर्वजों के साथ का अहसास होता है। इस तरह का अहसास मृत्यु का सूचक है। यदि व्यक्ति अपनी नाक की नोक नही देख पाता है उसकी मृत्यु भी निकट होती है। यदि व्यक्ति के नीले रंग की मक्खियां घेरने लगे और ज्यादातर समय उसके पास रहे तो मान लेना चाहिए की मृत्यु निकट है और सिर्फ एक महीना बचा है। बांया हाथ एक सप्ताह तक फड़कता रहे तो समझ लेना चाहिए की मृत्यु निकट है। कु्त्ता घर से निकलने पर लगातार तीन-चार दिनों तक पीछे चलने लगे यह भी मृत्यु के संकेत है।

मेरी वाली दीवाली - वायू प्रदूषण बनी बड़ी समस्या

Date : 15-Nov-2019
विद्वानों के अनुसार आतिशबाजी के दौरान इतना वायु प्रदूषण नहीं होता जितना आतिशबाजी के बाद। जो प्रत्येक बार पूर्व दीवाली के स्तर से करीब चार गुना बदतर और सामान्य दिनों के औसत स्तर से दो गुना बुरा पाया जाता है। इस अध्ययन की वजह से पता चलता है कि आतिशबाज़ी के बाद हवा में धूल के महीन कण हवा में उपस्थित रहते हैं। यह प्रदूषण स्तर एक दिन के लिए रहता है, और प्रदूषक सांद्रता 24 घंटे के बाद वास्तविक स्तर पर लौटने लगती है।अत्री एट अल की रिपोर्ट अनुसार नए साल की पूर्व संध्या या संबंधित राष्ट्रीय के स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर आतिशबाजी समारोह होते हैं जो ओजोन परत में छेद के कारक हैं। नीति आयोग (NITI Aayog) ने उद्योगों और संबद्ध क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिये निम्नलिखित एक्शन पॉइंट्स अर्थात् कार्यवाही बिंदु तैयार किये हैं। इसके अंतर्गत मंत्रालयों और विभागों को छोड़कर शासन के सभी स्तरों पर समेकित कार्रवाई की मांग की गई है। - याशिता शर्मा, छात्र (पत्रकारिता)

मेरी वाली दीवाली की यादें

Date : 15-Nov-2019
यूं तो दीवाली को बीते हुए एक महीने होने वाले हैं लेकिन यादों के पिटारे से आज फिर दीवाली के दिनों याद आयी।मेरी वाली दीवाली जो घर के सजावट की तैयारी के साथ शुरू होती है ,घर में खुशियों की लहर दौड़ जाती है ,दीवाली में बहुत से काम होते हैं जैसे रंगोली के डिज़ाइन पहले से ही खोजना और फैशन ट्रेंड के अनुसार कपड़े लेना ऐसे शुरू होती है ।मेरी वाली दीवाली, दीवाली के पहले दिन नए सामानों की खरीदारी करते हैं रात में घर के बाहर रंगोली के साथ कच्चे मिट्टी का दीया जलाते हैं ।वही दूसरे दिन आटे के दीये जलाते हैं ,तीसरे दिन लक्ष्मी पूजा करके बड़ो का आशीर्वाद लेकर पटाखे फोड़ते हैं। हमारे यहां गोवर्धन पूजा के दिन कुलदेवता की पूजा करते है इसके बाद आता है, भाई दूज जिस दिन हम अपने भाइयों का तिलक करके, मिठाई खिलाकर उनकी मंगलकामना करते हैं। दीवाली का त्योहार ऐसा त्योहार है जिसमें कुछ दिनों के लिए अपने दुख को भुलाकर अपने परिवार के साथ मिलजुलकर मनाते हैं। खुशबू चंदेल, छात्र (पत्रकारिता)

शहरों में खो गई गांव की वो

Date : 15-Nov-2019
जलती दीपक की लौ में फिर तुझे ढूंढता हूं, गांव की दिवाली मैं तुझे बहुत मिस करता हूं... जो यादें कहीं दब सी गई शहरों के शोर में, दिल करता है ढूंढ आऊं गांव के नितांत विभोर में... नए कपड़े और चमचमाती रोशनी में तुझे ढूंढता हूं, गांव की दीवाली मैं तुझे बहुत मिस करता हूं... अरसा बीत गया खेतों में खड़ी फसलों को छुए हुए, मुंडियारी रातों में गौरा के गीत गाए हुए... चमकती शाम में उन अपनों को ढूंढता हूं, गांव की दिवाली मैं तुझे बहुत मिस करता हूं... माना बहुत दूर हूं तेरी मिट्टी की खुशबू से सुआ के गीत से, उन अइरसा के मीठ से , बैलों के गले पर बंधे उन मयूरी मालाओं को खोजता हूं, गांव की दिवाली मैं तुझे बहुत मिस करता हूं... माना पटाखों की लड़ियां है यहां, चाइनीस रोशनी की फुलझड़ियां है यहां... पर आंगन में जलते उन दीयों को निहारने की आस लिए फिरता हूं , गांव की दिवाली मैं तुझे बहुत मिस करता हूं... - सौरभ वर्मा, छात्र (पत्रकारिता)

परिवार अउ गांव म देवारी - मोर वाले देवारी

Date : 15-Nov-2019
गांव के देवारी अब्बड़ खास रिथे। खास काबर कि गांव के देवारी म परिवार अउ संगी साथी मन सन जतका मजा मिलथे वो मोर खयाल में अउ कोनो तिहार म नई मिलय। देवारी के पांच दिन मानो सब दुख ला भूला के सबो झन ला एक संग ले देथे। गांव के ओ कुम्हार चाचा के नवा-नवा डिज़ाइन वाले दीया जेनहा कई बछर ले हमर मन बार खेलौना अउ दीया बनावथे। देवारी के पहिली दिन ले ही गांव के सबो घर के दुवारी म गोबर ले लिप के ओ मेर रंगोली पारथे। ए बछर महूं ह धनतेरस अउ चौदस के दिन अपने हाथ ले माटी अउ पिसान के दिया बनाएंव। तीसरईया दिन आस-पड़ोस म दीया जलाएन अउ लक्ष्मी पूजा करके सब बड़े मन के आशीर्वाद लेन। गोवर्धन पूजा के दिन राउत नाचा के इंतजार तो सबो झन ल रिथे। ओखर बाद सब लइका सियान मैदान म जाके फुगड़ी, कबड्डी खेल तको खेलथे। ए बछर बइला मनके दउड़ प्रतियोगिता तको देखेन। पांचवा दिन भाई दूज होथे जेमा बिहिनि ह भाई ल खीर अउ मिठाई खवाके खुशहाली के कामना करथे। ए पांच दिन के तिहार म पूरा परिवार एके जगह सकलाथन जेकर से ये घलो समझ आथे कि समाज में परिवार के एक रहे में जेन खुसी हे तेन कहूं नहीं। - लीनिमा साहू, छात्र (पत्रकारिता)

भगवान महाकाल की हरि हर मिलन की सवारी निरस्त...पूरी खबर पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करे

Date : 10-Nov-2019

उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में वैकुंठ चर्तुदशी पर रविवार रात 11 बजे हरि हर मिलन के लिए निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। अयोध्या में राम जन्म भूमि को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शहर में कानून व्यवस्था की दृष्टि से प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। शनिवार शाम पुलिस कंट्रोल रूप में सवारी को लेकर पुजारी, पुरोहित व प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। देर रात तक चली बैठक में कुछ पुजारी परंपरा निभाने के लिए सवारी निकालने पर अड़े हुए थे। इधर प्रशासन कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए सवारी निकालने को राजी नहीं था। लंबी चर्चा के बाद कोई निर्णय नहीं हुआ। बाद में प्रशासन ने मीडिया को सवारी का जुलूस निरस्त होने की अधिकृत जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार रविवार को शांति बनी रहने पर फिर से अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें रात में कड़ी सुरक्षा में हरि हर मिलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि सवारी निरस्त ही रहेगी।

  • गोपाल मंदिर में होता है हरि से हर का मिलन

मंदिर की परंपरा अनुसार वैकुंठ चतुर्दशी पर रात 11 बजे महाकाल मंदिर से राजाधिराज की सवारी निकलती है। अवंतिकानाथ रजत पालकी में सवार होकर गोपाल मंदिर पहुंचते हैं। यहां दोनों देवों का मिलन होता है। भगवान महाकाल की ओर से गोपालजी को बिल्व पत्र की माला अर्पित की जाती है। वहीं गोपालजी की ओर से महाकाल को तुलसी की माला पहनाई जाती है। हरि हर मिलन का दृश्य देखने के लिए महाकाल से गोपाल मंदिर तक हजारों भक्त उमड़ते हैं। इस दौरान जमकर आतिशबाजी होती है। यह परंपरा बीते 100 सालों से चली आ रही है।

हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए शुभ है मंगलवार, अक्षय तृतीया और रमजान का उत्साह में डूबेगा देश

Date : 06-May-2019

न्यूज डेस्क। मंगलवार 7 मई का दिन हिंदू और मुसलमानों दोनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस दिन अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती है और इसी दिन रमजान के पाक महीने की शुरुआत हो रही है। मुंबई और सटे उपनगरों में तीनों त्योहारों को लेकर जोरदार तैयारी की जा रही है। अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी के आभूषण निर्माता और व्यवसायी खासे उत्साहित हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की आकर्षक सजावट की गई है। बाजारों में चहल-पहल बढ़ी हुई है।

                                           आचार्य बालकृष्ण मिश्र के मुताबिक, हिंदू कैलेंडर के अनुसार बैसाख की शुक्‍ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। इस दिन जो भी काम किया जाए उसका फल कई गुना मिलता है और वह कभी घटता भी नहीं है। इसी दिन से सतयुग और त्रेता युग का आरंभ हुआ था। नर-नारायण, परशुराम और हयग्रीव का अवतार भी इसी दिन हुआ था। इस बार अक्षय तृतीया के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। अगर सालभर दान-दक्षिणा नहीं किए हैं, तो इस दिन जरूर करना चाहिए। इस दान का अक्षय फल मिलता है। इस दिन सूर्य मेष, चंद्रमा वृषभ और शुक्र मीन राशि में रहेंगे। ये तीनों ग्रह अपनी-अपनी उच्च राशि में रहेंगे। सूर्य के साथ बुध की युति होने से बुधादित्य योग बन रहा है।

भगवान विष्णु और माता ल क्ष्मी की पूजा का महत्त्व 

अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजा का विशेष महत्त्व है। इस दिन पूजन को विशेष लाभदायी माना जाता है। इस दिन किया गया आचरण और सत्कर्म अक्षय रहता है। इस दिन धन संचय करते हैं। सोने-चांदी के आभूषण आदि की खरीदारी की परंपरा है। आचार्य विनय कुमार पांडेय कहते हैं, ‘इस दिन बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त करके नए कार्य का शुभारंभ करना चाहिए। इस दिन तमाम मांगलिक कार्य, यज्ञोपवीत संस्‍कार, गृह प्रवेश और नए व्‍यापार को शुरू करना शुभ माना जाता है।

ऐसे करें पूजा

आचार्य मिश्र के मुताबिक, अक्षय तृतीया के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। सुबह उठकर स्नान करने के बाद पीले कपड़े पहने। इसके बाद भगवान विष्णु को गंगाजल से नहलाकर, पीले फूलों की माला चढ़ाएं। इसी के साथ गरीबों को भोजन कराना और दान देना शुभ माना जाता है।

 

16 फीट नीचे विराजित पाताल भैरवी का यह मंदिर

Date : 03-May-2019

16 फीट नीचे विराजित पाताल भैरवी का यह मंदिर, 108 फीट शिवलिंग आकर्षण का केन्द्र

 16 फीट नीचे विराजित पाताल भैरवी का यह मंदिर, देखने को मिलते हैं कई चमत्कार

राजनांदगांव।  राष्ट्रीय राजमार्ग पर नागपुर जाने की दिशा में स्थित मां पाताल भैरवी का मंदिर संस्कारधानी ही नहीं पूरे छत्तीसगढ़ के लिए धार्मिक आस्था का एक बड़ा केन्द्र बन गया है। संस्कारधानी की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को कायम रखने के उद्देश्य से स्थापित इस मंदिर में जमीन से 16 फीट नीचे वृत्ताकार गर्भग्रह में विराजित मां पाताल भैरवी की 15 फीट ऊंची और 11 टन वजनी रौद्र रूपी प्रतिमा को देखकर श्रद्धालु अचंभित हो जाते हैं।

108 फीट शिवलिंग आकर्षण का केन्द्र

वहीं 108 फीट का शिवलिंग रूपी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक का केन्द्र बना हुआ है। नवरात्रि में यहां आस्था का मेला लगता है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पूरे देशभर में मां पाताल भैरवी की प्रतिमा सहित शिवलिंग रूपी विशाल मंदिर और कहीं नहीं है।

बंटता है जड़ी-बूटी युक्त खीर

धार्मिक आस्था के साथ ही आध्यात्मिक और सेवा केन्द्र के रूप में भी मंदिर की प्रसिद्धी देशभर में होती जा रही है। शरद पूर्णिमा के दिन यहां आस्था मेला लगता है। देशभर के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु यहां जड़ी-बूटी युक्त खीर का प्रसाद लेने आते हैं। प्रसाद लेने के लिए रातभर रतजगा करते हैं।

प्रसाद ग्रहण से हो जाता है रोगमुक्त

विशेष कर दमा, श्वांस संबंधी बीमारी, अस्थमा सहित अन्य बीमारियों से पीडि़त रोगियों को हिमालय से लाई गई जड़ी-बूटी से युक्त खीर का प्रसाद दिया जाता है। मंदिर समिति की ओर से समय-समय पर रोगियों को निशुल्क में दवाइयां दी जाती हैं।

पुराणों के आधार पर मंदिर की स्थापना

इस विशाल मंदिर का पूरा निर्माण पुराणों के आधार पर किया गया है। जमीन के नीचे गर्भग्रह में मां पाताल भैरवी विराजित है। पुराण अनुसार आगे-आगे बजरंग बली चले पीछे भैरव बाबा, बीच में देवी रहे के आधार पर हनुमान, मां काली, भैरव बाबा के साथ ही रजतयुक्त गणेश व अम्बे की प्रतिमा स्थापित की गई है। सिद्धपीठ के द्वितीय तल में देवी लोक बनाया गया है, जहां अद्वितीय दशमहाविद्या स्थापित है। वृत्ताकार आकार में दशमहाविद्या मां तारा, मां कमला, मां त्रिपुर भैरवी, मां वग्लामुखी, मां मातंगी, मां राजराजेश्वरी त्रिपुरी सुंदरी, मां दुर्गा, मां भुनेश्वरी, मां छिन्न माता, मां षोडशी, धूमावती एवं मां काली के साथ ही तृतीय तल में द्वादश शिवलिंग व पारे के शिवलिंग व भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित है।

संस्कारधानी को मिली नई पहचान

बर्फानी सेवा आश्रम समिति के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा गन्नू ने बताया कि संस्था के आशीर्वादक बर्फानी दादा के मार्गदर्शन में मंदिर की स्थापना 4 अप्रैल 1998 में की गई। स्थापना के पीछे उद्देश्य यह था कि संस्कारधानी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। इसी उद्देश्य के तहत सबसे पहले मां पाताल भैरवी की प्रतिमा स्थापित की गई और देखते ही देखते जन सहयोग से विशाल मंदिर तैयार हो गया। वर्तमान में देशभर के साधु-संत समय-समय पर यहां आकर साधना करते हैं। नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक विभिन्न धाॢमक आयोजन होते हैं। आस्था के जोत जताकर माता की सेवा की जाती है।

बुध ग्रह कर रहे हैं राशि परिवर्तन, जानिए- क्या होगा आपकी राशि पर असर

Date : 13-Apr-2019


बुध ग्रह कर रहे हैं राशि परिवर्तन, जानिए- क्या होगा आपकी राशि पर असर  

11 अप्रैल गुरुवार को चैत्र मास में बुध मीन राशि में प्रवेश करेंगे. नीच का बुधादित्य योग बना है, जो नुकसान कर सकता है. सूर्य पहले से ही मीन राशि में है और उसके साथ बुध भी मीन राशि में आ जाएंगे. सूर्य सरकारी नौकरी में धन देगा. वहीं, बुध व्यापार में धन देता है. बुध के राशि परिवर्तन से विद्यार्थियों की पढ़ाई सुधरेगी. लेकिन कई लोगों को मकान और वाहन को लेकर कष्ट हो सकते हैं. आइए जानते हैं बुध के राशि परिवर्तन से सभी राशियों पर क्या असर पड़ेगा. 

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