राजनीति

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सांसद ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन0 विभागीय अफसरों ने दिया आश्वासन

Date : 19-Jan-2021

राजनांदगांव। डोंगरगढ़ जर्जर सड़कों की निर्माण की मांग को लेकर 15 दिन से अनशन पर बैठे अनिल पांडेय को सांसद संतोष पांडेय ने जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। नगर की सड़कों की हालत काफी खराब है। लंबे समय से सड़कों की मरम्मत व नये सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। इसके बाद भी विभागीय अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अफसरों की रवैय्ये से परेशान अनिल पांडेय विगत 15 दिनों से अनशन पर बैठे थे। अनशन तुड़वाने सांसद संतोष पांडये के पहुंचने की खबर लगते ही एसडीएम अविनाश भोई सहित विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और 15 दिनों के भीतर सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। अनशन तुड़वाने पहुंचे सांसद संतोष पांडेय ने राज्य सरकार पर जमकर बरसे। सांसद ने कहा कि डेढ़ साल पहले जब नगरीय निकाय मंत्री शिव कुमार डहरिया ने स्थानीय नगर पालिका भवन के लोकार्पण पर 1.82करोड़ की राशि की स्वीकृत की थी। इसके बाद भी आज तक निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया। चेहतों को टेंडर दिलाने बार-बार टेंडर मंगाया जा रहा है। इस दौरान शशिकांत द्विवेदी, भरत वर्मा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष तरुण हथेल, शशिकांत द्विवेदी, सुरेंदर बनोआना, हरविंदर सिंह मंगे,राजकुमार द्विवेदी, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, ज्योति बड़वाईक,मीना यादव,गीता मानिकपुरी,परविंदर सिंह मोंटी व अन्य मौजूद रहे।

विधायक ने ली अफसरों की बैठक,कहा किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Date : 19-Jan-2021

राजनांदगांव।डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल समीक्षा बैठक में अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने अफसरों को एक स्वर में कहा कि विभागीय कार्याें में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने विभागीय अफसरों की बैठक लेकर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर चर्चा की। साथ ही लोगों को योजनाओं को अधिक से अधिक लाभ दिलाने कहा। ताकि योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उठाया जा सकें। समीक्षा बैठक की जानकारी लगते कुछ विद्युत उपभोक्ता अपनी परेशानी बताने विधायक बघेल के पास पहुंच गए। उपभोक्ताओं ने विधायक को बताया कि कंपनी द्वारा 10 हजार से 15 हजार रुपये बिल भेजा गया है, जबकि इतनी यूनिट बिजली की खपत भी नहीं हुई है। विधायक ने मौके पर बिजली कंपनी के अफसरों को बिल में सुधार कर नये बिल भेजने के निर्देश दिए। 0 धान खरीदी के लिए बनाए व्यवस्थाबैठक में धान खरीदी केंद्र से पहुंचे अफसरों ने बताया कि कुछ जगहों से धान का उठाव नहीं हो रहा है। जिसके चलते धान बेचने आने वाले किसानों के साथ-साथ कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक बघेल ने जल्द से जल्द व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अभी कोई नया प्लान नहीं है। हितग्राही को मछली पालन योजना की जानकारी देने पर पैसे के नाम से पीछे हट जाते हैं। उद्यानिकी विभाग के अफसरों ने कहा कि आगामी माह युवाओं को प्रशिक्षण देकर राेजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने पशु-पालन के लिए लोगों को जागरुक करने की बात कही। बैठक में जनप्रतिनिधि मुरली वर्मा, प्रदीप वैद्य, अनिल मेश्राम, रिम्मी भाटिया, कमलेश वर्मा, एसडीएम अविनाश भोई, टीआई एलेक्सजेंडर किरो, जपं सीइओ, सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रदीप नादिया, नगर पालिका सीएमओ हेमशंकर देशलहरे व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

शिव मंदिर में पूर्व सीएम डा.रमन ने की पूजा

Date : 19-Jan-2021

राजनांदगांव। कन्हारपुरी तिरंगा चौक में नवनिर्मित शिव मंदिर का निर्माण किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। मंदिर जर्जर होने के कारण वार्डवासी लंबे समय से निर्माण की मांग कर रहे थे। वार्डवासियों की मांग पर मंदिर काे नये सिरे से निर्माण किया गया। पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष सोहन लाल साहू, संरक्षक किशोर साहू, आनंद साहू, ताराचंद साहू, चैतराम साहू, रेखलाल साहू, शेखर साहू, विजय साहू, मुकेश साहू व अन्य मौजूद रहे। 

सांसद पांडेय ने फिर दोहराया अपना विवादित बयान, बोले- किसान आंदोलन में दिख रहे खालिस्तान के झंडे

Date : 18-Jan-2021
खैरागढ़। सांसद संतोष पांडेय ने किसान आंदोलन को लेकर दिए गए विवादित बयान को फिर से दोहराया है। उन्होंने फिर से कहा कि दिल्ली की सीमाओं में चल रहे किसान आंदोलन में सिंघु बार्डर पर खालिस्तान के झंडे दिख रहे हैं। वही किसानों के आंदोलन को हाईजेक कर लिया गया है। साथ यह पूछा कि क्या इसे किसान आंदोलन कहेंगे? एक पंचांग विमोचन में खैरागढ़ रेस्ट हाउस पहुंचे सांसद संतोष पांडेय ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह विवादित बयान दिया है। यहां उन्होंने कहा कि मैंने खैरागढ़ में जो बयान दिया था, उस पर अडिग हूं। वही फिर कहा रहा हूं, सिंघु बॉर्डर में खालिस्तान के झंडे दिख रहे हैं। जिसमें बेअंत सिंह के हत्यारे का फोटो लगा हुआ है। वही बरबरा राव को रिहा कराने नारे लग रहे हैं। साथ ही उमर खालिद और सर्जिल इमाम को रिहा कराने नारे लग रहे हैं। क्या है ये? क्या इसे किसान आंदोलन कहेंगे? सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि यही मैंने उस दिन भी कहा था और आज फिर कह रहा हूं। किसानों की भीड़ में उनके आंदोलन को हाइजेक कर लिया गया है। यहीं वजह है कि अब देश को सतर्क रहना चाहिए। जिस प्रकार एक छोटे से कोने में साहिन बाग हुआ। आज दिल्ली के चारों तरफ ये चल रहा है। आगमी गणतंत्र दिवस को देखते हुए सभी प्रकार की मंशा से हमको अलर्ट रहने की जरूरत है।
दस दिन पहले दिया था बयान
सांसद संतोष पांडेय ने दस दिन पहले यानी 9 जनवरी को भाजपा की बैठक में दिल्ली के आंदोलन में खालिस्तानी बैठने और उन्हें फारेन फंडिंग होने का दावा किया था। जिसे फिर से दोहराया गया है। इस बयान के बाद जिलेभर में कांग्रेसियों के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टियों में सांसद के बयान को पूरजोर विरोध किया था। वही सर्दी के मौसम राजनीतिक फिजा गरमा गई थी। साथ ही विरोध स्वरूप जिलेभर में सांसद पांडेय का पुतला दहन किया गया था।  
 
 

एक पैली धान और एक रुपया जुटाने कांग्रेस का अभियान : कोठारी

Date : 09-Jan-2021

राजनांदगांव। मौसम की सर्दी और केंद्र सरकार की गर्मी के चलते देशव्यापी किसान आंदोलन से देश भर के किसान दिल्ली बॉर्डर पर एकत्रित हो रहे हैं। आंदोलन में शामिल किसानों को सहयोग करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण राजनांदगांव जिले के सभी ब्लॉकों के किसान परिवारों से उस आंदोलन में उनकी भी सहभागिता सुनिश्चित हो इस उद्देश्य जिले में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने बताया कि जिलाध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने इस अभियान के लिए वृहद कार्ययोजना बनाकर सभी ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे इस अभियान को जनअभियान बनाकर कार्य करें। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने कहा देशभर के किसान केंद्र सरकार के थोपे तीन कृषि कानून को निरस्त करवाने के लिए आंदोलनरत है। अतः हमारा प्रमुख दायित्व कर्तव्य है कि उस किसान आंदोलन को हम सहयोग और समर्थन करें किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा, यह मूल भावना के साथ हम सब उस आंदोलन के समर्थक हैं। केंद्र में बैठी मोदी सरकार के अड़ियल रवैया के चलते पूरे देश के किसान आंदोलित हैं और उस आंदोलन में शामिल किसान भाइयों को सहयोग समर्थन और उनका हौसला अफजाई के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक अभियान के तहत कृषक परिवारों से एक पैली धान और एक रुपए सहयोग राशि प्राप्त कर दिल्ली बॉर्डर में आंदोलनरत जांबाज किसान साथियों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है, उसमें जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव कहीं पीछे नहीं रहेगी, इसके लिए सभी ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे अपने ब्लॉक में कांग्रेस के समस्त संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित कर कार्य मे जुट कर छग की सहभागिता में जिले का विशेष सहयोग हो।

 

दबंग व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे सांसद शिवेंद्र बहादुर

Date : 09-Jan-2021

राजनांदगांव। राजनांदगांव के राजगामी संपदा न्यास में पूर्व सांसद शिवेंद्र बहादुर सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए समाज में दिए गए उनके योदगानों को याद किया। कांग्रेसजनों ने कहा कि, स्वर्गीय शिवेंद्र बहादुर जैसे व्यक्तित्व बिरले ही मिलते हैं। जयंती कार्यक्रम की शुरूआत में कांग्रेस के वरिष्ठजनों ने उनके तैलचित्र पर माल्यर्पण किया।
तत्पश्चात समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक इमरान मेमन ने कहा कि मैं जनपद सदस्य था, तो उन्होंने मुझे विधानसभा के काबिल समझा। उन्हीं की बदौलत मुझे विधानसभा की टिकट मिली। वर्तमान में भी मैं किसी नेतृत्व की खामी नहीं निकाल रहा, लेकिन आज उनके ही जैसे नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके नेतृत्व में हर कार्यकर्ता गौरवान्वित महसूस करता था, खुद को शिवेंद्र समझता था। मुझे अच्छे से याद है, तब राजनांदगांव में गीतांजलि एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं था। यात्रियों ने शिवेंद्र बहादुर जी से मुलाकात की। उन्हें अपनी परेशानी बताई। बोले मुंबई-हावड़ा आने-जाने में दिक्कत होती है। यह सुनने के बाद उन्होंने तत्कालीन रेल राज्यमंत्री सुरेश कालमाड़ी से फोन पर बात की और कहा कि गीतांजलि एक्सप्रेस राजनांदगांव में रुकनी चाहिए। इसके बाद कोलकाता के रेलवे हेड ऑफिस में भी बात की। इसके तीन-चार दिन बाद राजनांदगांव में गीतांजलि के स्टॉपेज का आदेश जारी हो गया। वे छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने के पक्षधर थे। इसी मुद्दे को लेकर एक बार भिलाई में बैठक हुई थी। उस बैठक में केयूर भूषण, पवन दीवान, अरविंद नेताए, मनकूराम सोनी और चंदूलाल चंद्राकर आदि नेता भी मौजूद थे। वहां शिवेंद्र बहादुर जी ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के खनिज भंडारों का लाभ दूसरे राज्यों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में नाकेबंदी की जाए। उन्होंने लोकसभा में भी छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बनाने के लिए आवाज बुलंद की थी।
कांग्रेस नेता उमेश जोशी ने कहा, पहले कमला कॉलेज रेलवे स्टेशन के पास था। इसके लिए बसंतुपर में भवन निर्माण की रूपरेखा बनी। भूमिपूजन से पहले तत्कालीन विधायक बलबीर खनूजा ने आपत्ति दर्ज कराई थी, कहा था कि यह शहर से काफी दूर है। लड़कियों को आने-जाने में असुविधा होगी। तब शिवेंद्र बहादुर जी ने खनूजा जी की शंका का समाधान किया और छात्राओं के लिए बस की सुविधा मुहैया कराई। वे बोले राजनांदगांव का बढ़ना जरूरी है। आज देखिए, शहर का विस्तार हुआ और बसंतपुर विकसित हो गया।
गुजरे समय की यादें ताजा करते हुए राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक ने कहा, भोरमदेव के एक कार्यक्रम में स्व. राजीव गांधी मौजूद थे। इस दौरान शिवेंद्र बहादुर जी ने मंच से ही कहा था कि मेरी राजनीति राजीव गांधी से शुरू होकर उन्हीं पर खत्म हो जाती है। यही नहीं, शिवेंद्र जी राजनांदगांव को एग्रीकल्चर हब बनाना चाहते थे। मोंगरा, सुतियापाठ आदि जलाशय उन्हीं की देन है। बीएनसी (बंगाल नागपुर कॉटन) मिल तब घाटे में चल रही थी, लेकिन वे बंद करने के पक्ष में कभी नहीं थे। उन्होंने ही डोंगरगढ़ में नवोदय खुलवाया और केंद्रीय विद्यालय भी। शिवेंद्र बहादुर जी की छवि हमेशा पार्टी में एक दबंग व्यक्तितिव की रही। वे दबंगता से बात करते और वैसे ही काम भी करवाते थे। स्व. शिवेंद्र बहादुर की जयंती समारोह को प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू ने भी संबोधित किया और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया।
गौरतलब है कि, शिवेंद्र बहादुर खैरागढ़ राजपरिवार के युवराज थे। उनका जन्म 7 जनवरी 1943 को नागपुर में हुआ था। उनके पिता राजा वीरेंद्र बहादुर राजनांदगांव के पहले सांसद हुए। फिर माता पद्मादेवी सिंह सांसद बनीं। इसके बाद उनके बाल सखा राजीव गांधी के कहने पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें टिकट दी और 1984 में हुए लोकसभा चुनाव में वे राजनांदगांव सीट से सांसद चुने गए। इससे पहले 1977 में उन्हें खैरागढ़ विधासभा क्षेत्र से पहली बार टिकट मिली थी, लेकिन उनकी हार हुई। राजनांदगांव की राजनीति में एक वक्त ऐसा भी था, जब उनका एकक्षत्र राज रहा। शिवेंद्र बहादुर के जानने वाले कहते हैं कि अविभाजित मध्यप्रदेश में सरकार राजनांदगांव के सारे फैसले उन्हीं पर छोड़ देती थी। शिवेंद्र बहादुर को 1989 में एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इसके दो साल बाद हुए चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई। इसी तरह कई उतार-चढ़ाव के बाद 31 दिसंबर 1999 को उनका निधन हो गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्रीकिशन खंडेलवाल, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह परिहार, संजय वाजपेयी, उमेश जोशी, रमेश राठौर, संजय बाजपेयी, अंजूम अल्वी, हफीज खान, इकरामुद्दीन सोलंकी, गोवर्धन देशमुख, राजगामी के सदस्य रमेश खंडेलवाल, मिहिर झा, एल्डरमैन एजाजुर रहमान, कुतबुद्दीन सोलंकी, आसिफ अली व रोशनी सिन्हा समेत अन्य कांग्रेसजन उपस्थित हुए।

जो किसान बोना जानता है, वह काटना भी जानता है - लखनलाल साहू

Date : 09-Jan-2021

कवर्धा। राज्य सरकार की वादाखिलाफी और धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर आगामी 13 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी की विधानसभा स्तरीय प्रदर्शन को लेकर गुरूवार को भाजपा कार्यालय कवर्धा में जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें जिले के संगठनप्रभारी व बिलासपुर के पूर्व सांसद लखनलाल साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, कवर्धा के पूर्व विधायक अशोक साहू, शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विशेषर पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में नवगठित जिला कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय भी कराया गया। बैठक को संबोधित करते हुए बिलासपुर के पूर्व सांसद व जिला संगठन प्रभारी लखनसाहू ने कहा कि दो साल में विफलता के सारे कीर्तिमान हासिल कर चुकी छत्तीसगढ़ में बैठी कांग्रेस की सरकार किसान विरोधी है और प्रदेश के किसानों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। हालात इतने खराब है कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में भी किसान आत्महत्या कर रहे है। कांग्रेस ने वादाखिलाफी और विश्वासघात का रोज नया रिकार्ड बना रहे है। कांग्रेस को यह ध्यान रखना होगा कि जो किसान बोना जानता है वह काटना भी जानता है। आज पिछले वर्ष के धान की कीमत का पूरा भुगतान अभी तक नही किया गया है। वर्तमान में भी 20-20 दिन बीत जाने पर भी किसानों के खातों में एक पैसा नही पहुंचा है। पहले डाॅ. रमन सिंह सरकार में तीन से चार दिन में और कभी तो 24 घण्टे के अंदर किसान के घर पहुॅंचने से पहले किसान के खाते में राशि पहुॅंच जाती थी। दो वर्ष के बोनस आदि की तो अब कांग्रेस बात भी करना नही चाहते है। मंडी टैक्स खत्म करने का वादा किया था, अब उलटे वह टैक्स भी बढ़ा दिया है। साहू ने कहा कि सबसे बड़ा घोटाला यह भूपेश बघेल की सरकार बारदाना के नाम पर कर रही है। उसके बहाना धान खरीदी  से बचना चाहती है। विधानसभा में जवाद देते हुए राज्य सरकार ने कहा था कि प्रदेश में इस सीजन में कुल 4 लाख 45 हजार गठान की जरूरत होती है जिसमें 3 लाख 30 हजार बारदाना उपलब्ध है और एक लाख 15 हजार बारदाने की जरूरत होगी। समय रहते उससे संबंधित कुछ भी नही किया भूपेश सरकार ने। आज प्रदेश में हालात यह है कि किसान खुद 30 से 40 रूपये में बारदाना खरीदने को मजबूर है। भूपेश बघेल की सरकार किसानों का धान खरीदने से बचने के लिए तरह - तरह के हठकंडे अपना रही है। खुद प्लास्टिक का बोरा इस्तेमाल करती है और किसानों से जूट का बोरा लाने को कह रही है एवं किसानोें को तीस रूपये में जूट बोरा खरीदना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने जब अपने चुनावी घोषणा पत्र में लोकलुभावन वादे किए थे तब छत्तीसगढ़ प्रदेश की जिम्मेदार मीडिया ने उनसे सवाल किया था कि कैसे करेंगे वादे पूरे तब कांग्रेस और भूपेश बघेल का जवाब था हम नए संसाधन और अवसर लाएंगे उससे व्यवस्था कर वादे पूरे करेंगे। आज मानो भूपेश बघेल की सरकार केन्द्र सरकार के ही भरोसे अपने लोकलुभावन वादे पूरे करना चाहती है।

भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को ऋण ले कर कर्जदार बनाने वाली सरकार आज अपने वादों से और धान खरीदी से भागना चाहती है और इसीलिए कभी केन्द्र सरकार पर तो कभी भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा कर बचना चाहती है। देर से धान खरीदी कर इसने कम धान खरीदने की सालिश रची। इसी का परिणाम है कि धान के कटोरे का किसान अभी भी दर-दर भटक रहा है जबकि कांग्रेस शासित पंजाब में ही कुल खरीदी का 54 प्रतिशत धान खरीदा गया है। एक महिना विलंब से धान खरीदी करना छत्तीसगढ़ के भोले भाले किसानों के खिलाफ कांग्रेस द्वारा अपने व्यापारी, बिचौलिए दलाल मित्रों को लाभ पहुॅंचाने का षडयंत्र है। छत्तीसगढ़ सरकार बारदाने का बहाना बना कंेद्र सरकार पर ठीकरा फोड़ने का प्रयास कर रहे है जबकि सच्चाई यह है कि बारदाना के व्यवस्था की सम्पूर्ण जवाबदारी राज्य सरकार की है। उन्होने कहा कि भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ खड़ी है और प्रदेश के भूपेश बघेल सरकार की बहानेबाजी, षडयंत्र और वादा खिलाफी, धान खरीदी में अव्यवस्था, रकबा कटौती जैसे किसान विरोधी कृत्यों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी । भाजपा आने वाले 13 जनवरी को प्रदेशभर के साथ जिले के दो विधानसभा में तथा 22 जनवरी को जिलास्तर पर प्रदर्शन करेगी। तथा प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगी । उन्होने कहा कि किसी कीमत पर किसानों से अन्याय भाजपा सहन नही करेगी।

पूर्व विधायक अशोक साहू ने अपने संबोधन में कहा कि रकबा कटौती करके, खेत के मेड़ के रकबा को काटकर भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है अब अपने नाकामियों को छुपाने का कोना खोज रहे है। जब छत्तीसगढ़ का किसान खेत के मेड़ के रकबे का सिंचाई टैक्स पटाता है, और लगान भी देता है तो खेत की मेंड़ के रकबे की कटौती धान खरीदी में क्यों कर रही है। गंगाजल की कसम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के लोगों ने खाई। छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता से ठक कर वोट लिया और अब केन्द्र सरकार को हर विषय में बीच में ले आते है। ये सब इनकी आदत में ही है। इन सब हथकंडों से भूपेश बघेल की सरकार और कांग्रेस धान खरीदने से भागना चाहते है। बैठक को गौसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष विशेषर पटेल ने भी संबोधित किया। बैठक में भाजपा जिलामहामंत्री विरेन्द्र साहू, क्रांती गुप्ता, कोषाध्यक्ष अजीत चंद्रवंशी, जिलाउपाध्यक्ष संतोष पटेल, शिवनाथ वर्मा, जिलामंत्री दुर्गेश ठाकुर, सुरेश दुबे, रोशन दुबे, ओम यदू, नीतू शर्मा, राजकुमारी साहू, पुष्पलता राज, जनपद अध्यक्ष इंद्राणी चंद्रवंशी, जिलापंचायत सदस्य रामकृष्ण साहू, महिला मोर्चा अध्यक्ष रति ठाकुर, सविता ठाकुर, सतविंदर पाहूजा, अजजा मोर्चा अध्यक्ष संतराम धुर्वे सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, मंडल अध्यक्ष व महामंत्री उपस्थित रहे।

विधानसभा के भाजपा पदाधिकारी जुटेंगे खैरागढ़ में, सांसद संतोष पाण्डेय करेंगे संबोधित

Date : 08-Jan-2021

खैरागढ़। खैरागढ़ के राजपूत क्षत्रिय समाज भवन में खैरागढ़ विधानसभा के सभी मंडल भाजपा पदाधिकारियों की 9 जनवरी को दोपहर 1 बजे आवश्यक बैठक रखी गई है। बैठक में जिले के सांसद संतोष पाण्डेय बतौर मुख्य वक्ता मौजूद रहेंगे। उनके साथ पूर्व विधायक एवं कार्यक्रम प्रभारी कोमल जंघेल व सह कार्यक्रम प्रभारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह उपस्थित रहेंगे।

शहर मंडल भाजपा अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने मंडल भाजपा के सभी पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्य समेत मोर्चा, प्रकोष्ठ, शक्ति केंद्र के संयोजकों व प्रभारियों को बैठक में उपस्थित रहने की अपील की है।

यह जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी राजू यदु ने बताया कि प्रदेश में किसानों को धान खरीदी में आ रही समस्याओं पर आवाज बुलंद करने समेत किसान हित में प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में छुईखदान, गंडई, साल्हेवारा समेत ग्रामीण भाजपा व अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारी शामिल होंगे। 

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सावधान...मामा फिर से फॉर्म में हैं, पिछली तीन पारियों में नहीं दिखे ऐसे तेवर

Date : 06-Jan-2021

भोपाल (Bhopal)। शिवराज सिंह चौहान (SHIVRAJ SINGH CHAUHAN) का मुख्यमंत्री के रूप में यह चौथा कार्यकाल है, जबकि समग्रता में उनके कार्यकाल का 14वां वर्ष प्रगति पर है। लंबे कार्यकाल में उनके नाम कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हैं, पर मौजूदा कार्यकाल जैसे उनके तेवर पहली तीन पारियों में नहीं दिखे। उनकी सर्वाधिक मजबूत छवि उनके बालिका सशक्तीकरण अभियान को लेकर है जिसके चलते उन्हें आम जनता के बीच मामा जैसा प्यारपूर्ण लोक-रिश्ता और संबोधन मिला। उन्होंने बालिका सशक्तीकरण के लिए अब तक 16 चर्चित योजनाएं लागू कीं, जिनमें कई योजनाएं इतनी लोकप्रिय हुईं कि दूसरे राज्यों में भी अपनाई गई हैं।

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इसके अलावा शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH) किसान कल्याण योजनाओं के लिए भी खासे यशस्वी हुए। वही शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH) अपने चौथे कार्यकाल में बहुत सख्त अवतार में नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने माफिया को ललकारते हुए कहा कि मामा फॉम (फॉर्म) में हैं। मध्य प्रदेश छोडक़र भाग जाओ, नहीं तो जमीन में गड़वा दूंगा। ढूंढने पर भी पता नहीं चलेगा। शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH) के इन तेवरों ने उनके विरोधियों के साथ उनके करीबियों को भी चौंका दिया। बात सिर्फ शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH) की गर्जना तक सीमित नहीं है। प्रदेश भर में प्रशासन (ADMINISTRATIVE) के बुलडोजर और जेसीबी मशीनें भी गरज रहे हैं। अपनी गुंडागर्दी और दबंगई से आम लोगों को आतंकित करने वाले और अवैध तरीकों से कालाधन अर्जति करके साम्राज्य खड़ा करने वाले माफिया के महलनुमा भवन और व्यावसायिक भवन ढहाए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश के लोगों के लिए यह बिल्कुल नए दृश्य हैं। प्रदेश में अपराध-अपराधियों पर काबू और शांति-कानून व्यवस्था की स्थापना की दृष्टि से इस मुहिम को शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH CHAUHAN) सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में खून-खराबा वाले बड़े अपराध वैसे भी यूपी-बिहार के मुकाबले कम होते हैं। सरकार की मौजूदा अपराध-विरोधी मुहिम देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि माफिया को हतोत्साहित करने और अपराध नियंत्रण की कसौटी पर मध्य प्रदेश आने वाले दिनों में रोलमॉडल प्रदेश बन सकता है। सरकार की यह सख्त मुहिम सिर्फ माफिया तक सीमित नहीं है। पिछले दिनों इंदौर और उज्जैन में उपद्रवी तत्वों ने जब धाॢमक जुलूसों पर घरों की छत से पथराव किया तो प्रशासन (ADMINISTRATIVE) ने इसमें शामिल उपद्रवियों को जेल भेजकर अगले दिन उनके घर ध्वस्त करवा दिए। देश के किसी अन्य राज्य में सांप्रदायिक उपद्रव करने वाले अपराधियों पर इतनी सख्त और त्वरित कार्रवाई इससे पहले ध्यान में नहीं आती।
दरअसल 2018 में विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH CHAUHAN) की लोकप्रिय छवि को गहरा धक्का लगा था, यद्यपि पिछले साल मार्च में कांग्रेस में टूटन के बाद वह सत्ता में लौट आए। जाहिर है, 2018 चुनाव परिणाम के अनुभव से उन्होंने कई सबक लिए होंगे जो अब उनकी कार्यप्रणाली और नीतियों में झलक रहे हैं। वह एक तरफ सुशासन की छाप छोडऩे को व्यग्र दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के राजनीतिक एवं सांस्कृतिक एजेंडे पर भी तेजी से अमल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में लव जिहाद की घटनाएं सीमित हैं, इसके बावजूद शिवराज सिंह चौहान (SHIVRAJ SINGH CHAUHAN) ने इसके खिलाफ सख्त कानून बनवाने की पहल करने में विलंब नहीं किया। जब कोरोना संक्रमण के कारण विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आयोजित नहीं किया सका तो मुख्यमंत्री ने अगले सत्र का इंतजार करने के बजाय अध्यादेश लाकर कानून लागू करने का फैसला किया।
किसानों के कल्याण के लिए बेहतर योजना
मुख्यमंत्री की इस सोच और कार्यशैली का प्रभाव प्रदेश के माहौल पर दिख रहा है। किसान-प्रधान प्रदेश होने के बावजूद यहां के किसानों ने पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलन को कतई तवज्जो नहीं दिया। मध्य प्रदेश में अधिकतर प्रमुख जिंसों का एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर है। यह उन चंद राज्यों में शामिल है जहां सरकार ने किसानों की उपज का एमएसपी सुनिश्चित करने के लिए भावांतर योजना लागू कर रखी है। यानी यदि किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम दर पर बेचनी पड़े तो मूल्य के अंतर की भरपाई सरकार करती है। इतना ही नहीं, जिन तीन कृषि कानूनों पर संदेह जताते हुए पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलित हैं, वही कानून मध्य प्रदेश के किसानों के बीच लोकप्रिय एवं लाभदायी साबित हो रहे हैं।
कृषि कानूनों से मिला किसानों को फायदा
होशंगाबाद में एक निजी कंपनी ने जब किसानों के साथ करार का उल्लंघन करके 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदने में आनाकानी की तो प्रशासन (ADMINISTRATIVE) ने नए कृषि कानून का फंदा उस कंपनी के गले में डालकर किसानों की धान 3,000 रुपये की दर पर क्रय करने के लिए बाध्य किया। इसी प्रकार ग्वालियर में एक व्यापारी किसानों की रकम दबाकर फरार हो गया तो प्रशासन (ADMINISTRATIVE) ने उसके घर-जमीन को नीलाम करके किसानों का भुगतान करवाया। ऐसे अन्य प्रसंग भी हैं जिनसे मध्य प्रदेश में लोगों की खुशहाली व्यक्त होती है। प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव वर्ष 2023 में होंगे। शिवराज सिंह (SHIVRAJ SINGH) उस चुनौती को भलीभांति समझते हैं। शायद इसलिए वह बदले तेवरों के साथ पूरे ‘फॉम’ में हैं

 

भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीखी संगठन की बारीकियां

Date : 01-Jan-2021


0 शहर मंडल भाजपा का प्रशिक्षण शिविर संपन्न। 
खैरागढ़।
अखिल भारतीय मंडल प्रशिक्षण शिविर योजना अंतर्गत खैरागढ़ शहर मंडल भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ शशिकांत द्धिवेदी ने किया। उन्होंने भाजपा की कार्यपद्धति एवं संगठन संरचना में हमारी भूमिका विषय पर कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब हमारे पास योजना, उसका क्रियान्वयन, मानीटरिंग और समीक्षा हो। कार्यकर्ता​ मिलजुलकर और संगठित होकर ही कार्य करें। 
इसके बाद दूसरे सत्र में  2014 के बाद भारत की राजनीति में बदलाव भारतीय जनता पार्टी एवं हमारा दायित्व विषय पर सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा, 2014 में बाद भाजपा की बहुमत आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तब भारत की असली ताकत सामने आई। आज जम्मू—कश्मीर से धारा 370 हट गया। इसके साथ ही वहां आतंकवाद का फन कुचल ​दिया गया। पत्थर चलाने वाले खत्म हो गए। अर्बन नक्सल खदेड़ दिए गए। आज अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है। सब शांति से हो गया। महिलाओं के साथ हो रहा अत्याचार तीन तलाक खत्म हो गया। विदेशों में प्रताड़ित भारतीयों की वापसी के लिए सीएए लाया गया। इन तमाम समस्याओं को कांग्रेस ने हल करने के बजाए इन्हें बनाए रखा।  
 आज के भारत की वैचारिक मुख्य धारा हमारी विचार धारा पर भरत वर्मा ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त क रने का साधन नहीं हैं बल्कि समाज को अपेक्षित दिशा में प्रगति पथ पर ले जाना भी उसका अर्थ है। भाजपा सांस्कृतिक, एकात्म मानववाद, अंत्योदय, राष्टवाद की दिशा में काम कर रहा है। सोशल मीडिया विषय पर रविंद्र सिंह ने कहा कि बदलते दौर में परिवर्तन को स्वीकारना होगा। आज सोशल मीडिया का दौर हैं। आज यदि कोई सोशल मीडिया के बारे में जानकारी नहीं रखता तो उसकी शिक्षा को अधूरी मानी जाएगी। 
जिला भाजपाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने भाजपा के इतिहास और विकास विषय पर कहा कि भाजपा की स्थापना 1980 में की गई। इसके पहले भाजपा जनसंघ था, इसकी स्थापना 1951 में हुई। जनसंघ की स्थापना में 11 लोगों की प्रमुख भूमिका थी, जिनमें 7 अविवाहित थे। श्यामप्रसाद मुखर्जी इसके पहले अध्यक्ष बने। 1952 में हुए लोक सभा चुनाव में जनसंघ को 3 सीटें मिली थी आज भाजपा 303 सीटों पर पहुंच गया। है। इसी तरह अन्य तय विषयों में पूर्व विधायक कोमल जंधेल,सावन वर्मा, योगेश दत्त  मिश्रा, राजेंद्र गोलछा एवं सौरभ कोठारी ने विचार प्रकट किए। 


मीडिया प्रभारी राजू यदु ने बताया कि इस अवसर पर विक्रांत सिंह, वीरेंद्र जैन, रामाधार रजक, विकेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, महामंत्री कृष्णा वर्मा, कोमल वर्मा, जिला पंचायत सदस्य घम्मन साहू, तरूण सिंह,चंद्रशेखर यादव, परमानंद साहू, विनय देवांगन, शेष नारायण यादव, फारूख मेमन, आलोक श्रीवास, नीलिमा गोस्वामी, किर्ती वर्मा, साफिया बेगम, चेतन वर्मा,गायत्री डहरिया, शशांक ताम्रकार,यतीश साहू, गिरीवर पटेल, गिरीजा चंद्राकर, भाजयुमो अध्यक्ष आशीष सिंह, चंदन गिरी गोस्वामी, मंजीत सिंह, शौर्यदित्य सिंह, कपिल बैद, संदीप वैष्णव, आयश सिंह, समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। 

 

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