नौकरशाही

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रायपुर : कृषि विश्वविद्यालय का रायगढ़ केन्द्र भारत के सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केन्द्र के रूप में सम्मानित

Date : 06-Oct-2020

रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ के मसाला अनुसंधान केन्द्र को वर्ष 2019-20 के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। रायगढ़ केन्द्र को यह सम्मान हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, अजवाइन आदि मसाला फसलों की नई किस्मों के विकास, फसल सुधार, अनुसंधान एवं विस्तार हेतु दिया गया है। यह केन्द्र प्रदेश के आदिवासी किसानों के उत्थान हेतु उनके खेतों में मसाला फसलों की विभिन्न किस्मों के प्रदर्शन भी आयोजित कर रह है। केन्द्र को यह सम्मान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना ’मसाला’ की 31वीं वार्षिक कार्यशाला के अवसर पर प्रदान किया गया।

     गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ में मसाला अनुसंधान के लिए वर्ष 1996 में समन्वित मसाला अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की गई थी तब से इस केन्द्र के माध्यम से मसाला अनुसंधान हेतु अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना का संचालन किया जा रहा है। परियोजना के वैज्ञानिक राज्य के प्रमुख मसाला फसलों जैसे हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, अजवाइन और निगेला पर फसल सुधार और रोग प्रतिरोधकता हेतु अनुसंधान कार्य कर रहे हैं। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ के मसाला अनुसंधान केन्द्र द्वारा हल्दी, अदरक, आमी अदरक, मेथी और निगेला में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परीक्षणों में विभिन्न फसलों की अनेक प्रजातियों का योगदान दिया गया है। केन्द्र द्वारा विकसित धनिया की दो किस्मों सी.जी धनिया-1 को छत्तीसगढ़ राज्य हेतु एवं सी.जी श्री चन्द्रहासिनी धनिया-2 को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश एवं तमिलनाडु राज्यों के लिए वर्ष 2019 में जारी तथा अधिसूचित किया गया है। वर्तमान में केन्द्र द्वारा विकसित हल्दी की दो नवीन किस्मों सी.जी. हल्दी-1 एवं सी.जी. हल्दी-2 को छत्तीसगढ़ राज्य किस्म बीज उपसमिति द्वारा जारी करने के लिए पहचान किया गया है। इस नवीन किस्म को राज्यों के लिए अधिसूचित करने का प्रस्ताव सी.वी.आर.सी. नई दिल्ली के समक्ष विचाराधीन है। छत्तीसगढ़ राज्य किस्म बीज उपसमिति द्वारा राज्य हेतु केन्द्र की पहली अजवाइन की किस्म सी.जी. अजवाइन-1 की भी पहचान की गई है। परियोजना के वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह एवं डॉ. श्रीकांत सवरगांवकर ने हल्दी और अदरक के उत्पादन हेतु कम लागत वाली ‘‘प्रकंद गुणा फसल उत्पादन एवं संरक्षण’’ नामक नवीन तकनीक का विकास किया है जो किसानों के लिए लाभदायी साबित होगी।

रायपुर : पी.डी.एस. के बारदानों का उचित मूल्य की दुकानों के अलावा अन्य कार्याें पर उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित

Date : 01-Oct-2020

रायपुर. छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीदी की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य शासन द्वारा धान खरीदी के लिए बारदाने की व्यवस्था करना शुरू कर दिया गया है। 

 खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव द्वारा मंत्रालय महानदी भवन से आदेश जारी कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बारदानों का उपयोग शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के अलावा अन्य कार्याें में करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। पीडीएस के बारदानों का शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में उपयोग के बाद शेष बारदानों को धान खरीदी के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने राज्य के सभी कलेक्टरों को पीडीएस के बारदानों का एकत्रीकरण कराने एवं समय-समय पर मॉनिटरिंग कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पंजीयक सहकारी संस्थाओं को समितियों में पीडीएस बारदाने को सुरक्षित रखने के संबंध में समुचित दिशा-निर्देश जारी करने को भी कहा गया है। पीडीएस बारदाने की उपलब्धता की जानकारी की सॉफ्टवेयर में एन्ट्री पूर्व दिशा-निर्देशों के अनुसार करने कहा गया है। 

 खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदानों की व्यवस्था के संबंध में खाद्य विभाग के साथ भारत सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। जिसमें भारत सरकार द्वारा अवगत कराया गया कि कोरोना महामारी के कारण नए जूट बारदानों का उत्पादन का कार्य प्रभावित होने से नए जूट बारदानों के आपूर्ति राज्य की आवश्यकता एवं मांग के अनुसार किया जाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में राज्य में धान खरीदी के लिए जूट बारदानों की आपूर्ति पीडीएस के जूट बारदानों से करनी पड़ेगी।

छत्तीसगढ़ में अब तक 1210.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

Date : 30-Sep-2020

रायपुर. प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 1210.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2273.7 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 821.6 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। 

 राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1306.7 मि.मी., बलरामपुर में 1074.9 मि.मी., जशपुर में 1292.3 मि.मी., कोरिया में 1042.9 मि.मी., रायपुर में 1042.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 1063.5 मि.मी., गरियाबंद में 1191.2 मि.मी., महासमुन्द में 1260.4 मि.मी., धमतरी में 1116.2 मि.मी., बिलासपुर में 1238.7 मि.मी., मुंगेली में 904.9 मि.मी., रायगढ़ में 1207.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1315.7 मि.मी. तथा कोरबा में 1330.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 1051.3 मि.मी., दुर्ग में 1004.2 मि.मी., कबीरधाम में 953.4 मि.मी., राजनांदगांव में 923 मि.मी., बालोद में 1021.2 मि.मी., बेमेतरा में 1077.1 मि.मी., बस्तर में 1379.5 मि.मी., कोण्डागांव में 1489 मि.मी., कांकेर में 1026.1 मि.मी., नारायणपुर में 1405.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1560.1 मि.मी. तथा सुकमा में 1508.8 मि मी औसत दर्ज की गई है।

रायपुर : गिरदावरी के प्रकाशन के बाद दावा आपत्तियों का परीक्षण कर निराकरण करने का कार्य जारी

Date : 30-Sep-2020

रायपुर. छत्तीसगढ़ में राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों में मौके पर पहुंचकर फसलों की गिरदावरी का कार्य कर उसका प्रकाशन ग्राम पंचायतों में किया जाकर उस पर दावा आपत्ति लिया जाकर उनके निराकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजनांदगांव के कलेक्टर टोपेशवर वर्मा ने जिले अधिकारियों को गिरदावरी के प्रारंभिक प्रकाशन होने के बाद प्राप्त दावा आपत्तियों का परीक्षण कर निराकरण जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं।

     उन्होंने कहा है कि धान खरीदी के लिए नये किसानों का वेरीफिकेशन कर उनका पंजीयन करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के लिए तैयारियां पहले ही प्रारंभ कर ली जाए। सभी सोसायटी में बारदाना की उपलब्धता व रख रखाव की व्यवस्था हो। जिले के अधिकांश विकासखंड अंतर्राज्यीय सीमाओं से लगे हुए है। ऐसी स्थिति में दूसरे राज्यों से कोचियों के माध्यम से धान यहां लाने की संभावना बनी रहती है। सभी अधिकारी सीमा से लगे गांवों में मुखबिर रखें और इन गांव के धान खरीदी केन्द्र में अक्टूबर महीने से ही मॉनिटरिंग चालू करें।

     फसल कटाई प्रारंभ होते ही अंतर्राज्यीय सीमा चेकपोस्ट में जांच की कार्रवाई शुरू करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि मजदूरों के लिए मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्य चालू करें। गौठानों में शेड निर्माण तथा अन्य कार्य किया जाए जिससे लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम नवरात्रि के संबंध में स्थानीय स्तर पर बैठक लेकर कोरोना प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दें तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए निर्देशित करें।

प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने मोहल्ला क्लास का किया निरीक्षण : पढ़ई तुंहर दुआर के क्रियान्वयन का लिया जायजा

Date : 26-Sep-2020

रायपुर. स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने सुकमा जिले के स्कूलों और यहां संचालित पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के क्रियान्वयन का जायजा लिया। उन्होंने जिले के विभिन्न ग्रामों में संचालित मोहल्ला क्लास के साथ ही उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल पावारास का निरीक्षण भी किया। अपने एक दिवसीय सुकमा प्रवास में श्री शुक्ला ने ग्राम कोर्रा, दुरमापारा, जामपारा, गोलागुड़ा, सोढ़ीपारा आदि में संचालित किए जा रहे मोहल्ला क्लास का निरीक्षण कर शिक्षक एवं शिक्षिकाओं तथा स्कूली छात्र-छात्राओं से बातचीत कर पढ़ाई तुहंर दुआर कार्यक्रम का जायज़ा लिया। मोहल्ला कक्षा गोलागुड़ा की शिक्षिका श्रीमती जयमाला राम द्वारा तिल्ली व गोटी से गणित पढ़ाने की विधि की प्रशंसा की।


उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल की तारीफ


    आलोक शुक्ला ने उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल पावारास का निरीक्षण करते हुए स्कूल भवन की प्रशंसा की। अंग्रेजी माध्यम स्कूल की दीवारों पर की गई चित्रकारी एवं कलाकृतियों की प्रशंसा करते हुए श्री शुक्ला ने कहा कि बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए किताबी शिक्षा के साथ ही कला संस्कृति एवं खेल से जुड़ी शिक्षा देना आवश्यक है। उन्होंने कलेक्टर चन्दन कुमार से चर्चा करते हुए पुस्तकालय में छात्रों के लिए सभी प्रकार के पुस्तकें उपलब्ध कराने और लैब में प्रायोगिक अध्ययन के लिए आवश्यक तैयारियों के संबंध में दिशा निर्देश दिए।
    इस अवसर पर सुकमा जिला कलेक्टर चन्दन कुमार, संभागीय संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग ए.एल राठिया, जिला शिक्षा अधिकारी जे.के.प्रसाद, राजीव गांधी शिक्षा मिशन समन्वयक एस.एस.चैहान एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक गण उपस्थित थे।

रायपुर : छत्तीसगढ़ में अब तक 1115.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

Date : 11-Sep-2020

रायपुर. प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 1115.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2182.8 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 756.8 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। 

 राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1232.6 मि.मी., बलरामपुर में 1016.9 मि.मी., जशपुर में 1184.6 मि.मी., कोरिया में 964.2 मि.मी., रायपुर में 980.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 986.7 मि.मी., गरियाबंद में 1077.9 मि.मी., महासमुन्द में 1190.0 मि.मी., धमतरी में 1030.7 मि.मी., बिलासपुर में 1155.1 मि.मी., मुंगेली में 793.0 मिमी, रायगढ़ में 1112.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1177.2 मि.मी. तथा कोरबा में 1236.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 927.9 मि.मी., दुर्ग में 944.8 मि.मी., कबीरधाम में 830.6 मि.मी., राजनांदगांव में 859.5 मि.मी., बालोद में 971.8 मि.मी., बेमेतरा में 976.0 मि.मी., बस्तर में 1247.4 मि.मी., कोण्डागांव में 1369.4 मि.मी., कांकेर में 941.3 मि.मी., नारायणपुर में 1276.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1451.5 मि.मी. तथा सुकमा में 1363.3 औसत दर्ज की गई है। 

 राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 11 सितम्बर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा में 0.9 मिमी, सूरजपुर में 11.9 मि.मी., बलरामपुर में 7.1 मि.मी., जशपुर में 13.8 मि.मी., कोरिया में 4.4 मि.मी., रायपुर में 13.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 4.3 मि.मी., गरियाबंद में 11.3 मि.मी., महासमुन्द में 13.3 मिमी, धमतरी में 11.4 मि.मी., बिलसपुर 12.8 मि.मी., मुंगेली में 10.8 मिमी, रायगढ़ में 5.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 3.8 मि.मी., कोरबा में 9.2 मि.मी., दुर्ग में 48.9 मिमी, कबीरधाम में 1.5 मि.मी., राजनांदगांव में 6.5 मि.मी., बालोद में 9.8 मि.मी., बेमेतरा में 7.0 मि.मी., बस्तर में 29.7 मि.मी., कोण्डागांव में 24.8 मि.मी., कांकेर में 11.5 मि.मी., नारायणपुर 23.0 मि.मी., दंतेवाड़ा में 6.2 मि.मी., सुकमा में 50.7 मि.मी. और बीजापुर में 22.4 मि.मी., औसत वर्षा दर्ज की गई।

एलेक्स पॉल भंडार गृह निगम के प्रभार से मुक्त, अवनीश शरण तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास, नीलेश को भंडार गृह निगम का जिम्मा

Date : 18-Jul-2020

 
रायपुर। राज्य सरकार ने तीन आईएएस अफसरों के प्रभार में फेरबदल किया है। 2006 बैच के आईएएस एलेक्स पॉल मेनन को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के प्रबंध संचालक के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। एलेक्स पॉल मेनन विशेष सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक का काम देखते रहेंगे।

वहीं नीलेश क्षीरसागर को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम का एडिश्नल चार्ज दिया गया है। 2011 बैच के आईएएस नीलेश संचालक, कृषि के साथ-साथ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SLRM) के मिशन संचालक के साथ-साथ भंडार गृह निगम का काम देखेंगे। आईएएस अवनीश शरण को राज्य कौशल विकास अभिकरण के सीईओ CEO का एडिश्नल चार्ज दिया गया है। 2009 बैच के आईएएस अवनीश अब संचालक तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के साथ-साथ राज्य कौशल विकास अभिकरण भी देखेंगे।

बेमेतरा : गोधन न्याय योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू करने राज्य शासन ने आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित

Date : 06-Jul-2020

बेमेतरा. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारंपरिक हरेली त्यौहार से प्रारंभ की जा रही “गोधन न्याय योजना“ को प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। कोई भी व्यक्ति या संगठन जो भी सुझाव देना चाहते हैं, वे इस संबंध में छत्तीसगढ़ कृषि विपणन मंडी बोर्ड, मुख्यालय बीज भवन, पोस्ट-रविग्राम तेलीबांधा, रायपुर, पिन 492002 पर या फैक्स नम्बर 0771-4094472 या ई-मेल mdcgmandiboard@gmail&com पर भेज सकते हैं।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी अंतर्गत स्थापित गौठानों को रोजगार उन्न्मुखी बनाने के उद्देश्य से ‘गोधन न्याय योजना’ की शुरूआत की जा रही है। योजना के क्रियान्वयन के लिए कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया है।
    इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने, गौपालन को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा और पशुपालकों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाना है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से गौठान को रोजगार उन्न्मुख बनाने के लिए गोबर का क्रय कर वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जाएगी। योजना से ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ किसान, भूमिहीन मजदूर एवं समस्त पशुपालकों की आमदनी में निरंतर बढ़ोत्तरी होगी।
    योजना के अंतर्गत राज्य में स्थापित 2200 गौठानों को प्रथम चरण में शामिल किया जाएगा और गौठानों की स्थापना के साथ-साथ इस योजना का विस्तार किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के माध्यम से उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट से जैविक खेती के विस्तार में सहायता प्राप्त होगी और रसायन मुक्त खाद्य उत्पादों से सुपोषण स्तर में भी सुधार होगा।

रायपुर : रविशंकर सागर परियोजना के कार्याें के लिए 49.42 करोड़ रूपए स्वीकृत

Date : 02-Jul-2020

रायपुर. राज्य शासन द्वारा धमतरी जिले के रविशंकर सागर परियोजना (गंगरेल) के विभिन्न कार्याें के लिए 49 करोड़ 42 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए हैं। इन कार्याें में गंगरेल के ग्लैसिक भाग टीथ एवं बकेट फ्लोर में एप्रोक्सी ट्रीटमेंट के लिए 7 करोड़ 57 लाख 70 हजार रूपए स्वीकृत किए हैं। इसी तरह परियोजना के स्पील चैनल में पायलट चैनल के खुदाई कार्य हेतु 37 करोड़ 44 लाख 15 हजार रूपए स्वीकृत किए हैं।

    परियोजना के डाऊन स्ट्रीम भाग पर टरफिंग कार्य और बांध के नीचे फेन्सीग कार्य के लिए 2 करोड़ 12 हजार रूपए तथा बांध के गैलरी में हो रहे सीपेज को नियंत्रित एवं सफाई कार्य हेतु 2 करोड़ 40 लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से रविशंकर सागर परियोजना के इन कार्याें को कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। परियोजना के कार्याें को निर्धारित समयावधि में पूरी गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

जांजगीर-चांपा : प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक 28 जून को

Date : 27-Jun-2020

जांजगीर-चांपा. जिले के प्रभारी और राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, वाणिज्यकर (जी एस टी) मंत्री टी एस सिंहदेव 28 जून को सुबह 11 बजे कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में  विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे।
बैठक में कोविड-19, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, पंचायत और ग्रामीण विकास, मनरेगा,पी एम जी एस वाई,नरवा ,गरवा ,घुरवा और बाड़ी, कृषि,खाद,बीज की उपलब्धता,जिला खनिज न्यास, और लोक निर्माण विभाग के कार्यों की क्रमबद्ध समीक्षा की जाएगी।
कलेक्टर यशवंत कुमार ने उक्त बैठक में वांछित जानकारी के साथ समय पर उपस्थित होने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।

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