छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने 5 एकड़ में फैली 8 करोड़ रुपए की अवैध अफीम खेती का खुलासा किया है. इस हाई-टेक गोरखधंधे में बाउंसरों से सुरक्षा दी जा रही थी. स्थानीय भाजपा नेता विनय ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई हो रही है. पुलिस अंतर्राज्यीय ड्रग माफिया और खरीदारों की तलाश कर रही है.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई की है. इस पूरे गोरखधंधे को किसी फिल्म की स्क्रिप्ट की तरह बेहद हाई-टेक और सुरक्षित तरीके से चलाया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक, लगभग 5 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी. जब्त किए गए पौधों की अनुमानित कीमत 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस अवैध खेती को छिपाने और सुरक्षा देने के लिए खेत के चारों ओर बाउंसर तैनात किए गए थे, ताकि कोई भी अनजान व्यक्ति या पुलिस वहां तक न पहुंच सके.
शुरुआती जांच में इस पूरे सिंडिकेट को मैनेज करने और खेती करवाने में एक स्थानीय भाजपा नेता की संलिप्तता की बात कही जा रही है. भाजपा नेता विनय ताम्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद भाजपा ने उसे पार्टी से निष्कासित भी कर दिया है. हालांकि, ताम्रकार और उसके परिवार के पास 300 एकड़ खेत हैं जिसमें मक्का और केला सहित कई फसल लगाई जाती हैं. इस खेत के सबसे अंतिम इलाके में उसने अफीम की खेती शुरू की थी.
अफीम की सुरक्षा में लगे थे बाउंसर्स
दुर्ग पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इस मामले में अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है. जब्त किए गए पौधों के सैंपल लैब भेजे गए हैं ताकि उनकी गुणवत्ता और नशीले पदार्थों की मात्रा का सटीक आकलन किया जा सके. पुलिस अब उन ‘खरीदारों’ (Buyers) की तलाश कर रही है जिन्हें यह अफीम सप्लाई की जानी थी. शक है कि इसके तार अंतर्राज्यीय ड्रग माफियाओं से जुड़े हो सकते हैं. इसके साथ ही पकड़े गए सुरक्षाकर्मियों (बाउंसर्स) से पूछताछ की जा रही है कि उन्हें किसने काम पर रखा था और क्या उन्हें पता था कि वे किस चीज की सुरक्षा कर रहे हैं.
कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि सत्ता के संरक्षण में नशीले पदार्थों का काला कारोबार चल रहा है. स्थानीय भाजपा इकाई ने स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम करेगा और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो पार्टी उसे संरक्षण नहीं देगी. कुछ नेताओं ने इसे निजी मामला बताकर पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है.
पुलिस कर रही जांच
पुलिस अब आरोपी नेता के वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस 8 करोड़ की खेती के लिए फंडिंग कहां से आई थी. साथ ही, राजस्व विभाग जमीन के दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह एक बड़ा नेटवर्क है. हमने भारी मात्रा में नशीले पौधों को जब्त कर लिया है और दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है.