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	<title>कोरोना काल Archives | Janmudda</title>
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	<description>Latest Hindi News</description>
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	<title>कोरोना काल Archives | Janmudda</title>
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		<title>भारत में फिर क्यों तेजी से पैर पसार रहा कोरोना का कहर, ये है कारण।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Feb 2021 03:46:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ चढ़ने लगा है। बीते दो दिन से 16 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज हो रहे हैं और रोजाना होने&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://janmudda.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87/">भारत में फिर क्यों तेजी से पैर पसार रहा कोरोना का कहर, ये है कारण।</a> appeared first on <a href="https://janmudda.com">Janmudda</a>.</p>
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<p>भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ चढ़ने लगा है। बीते दो दिन से 16 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज हो रहे हैं और रोजाना होने वाली मौतों की संख्या भी सौ के पार है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जांच में कमी, नया स्ट्रेन व टीकाकरण में देरी समेत पांच ऐसे कारण हैं जो काबू में आई महामारी की स्थिति को फिर से बिगाड़ रहे हैं। इस पर सरकार को तुरंत कदम उठाना होगा।&nbsp;</p>



<p><strong>1. रोजाना की कोरोना जांचें आधी रह गईं </strong><br>भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के डाटा के मुताबिक, पिछले साल सितंबर में देश हर दिन दस लाख से ज्यादा नमूनों की कोविड-19 जांच की जा रही थी। पर इस साल फरवरी आते-आते देश में जांचे इतनी घट गईं कि हर दिन छह से आठ लाख नमूनों की ही जांच हो रही है। बीते चौबीस घंटों में भी देश में 8,31,807 नमूनों की जांच हुई। देश में अबतक कुल 21,46,61,465 नमूनों की जांच हो चुकी है।</p>



<p><strong>2,नमूनों की पॉजिटिविटी दर में वृद्धि </strong><br>देश में रोजाना होने वाली कोरोना जांच की दर घट जाने के बावजूद नमूनों के पॉजिटिव होने की दर 5 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। यह स्थिति बताती है कि जरूरत से कम जांचें हो रहीं हैं और जितनी जांचें हो रही हैं, उनमें पॉजिटिव केसों की पुष्टि की दर अधिक है। पिछले महीने देश में टेस्ट पॉजिटिविटी दर लगभग 6 प्रतिशत थी जो इस महीने 5 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन मानता है कि किसी भी देश की जांच पॉजिटिविटी दर लगातार दो सप्ताह तक पांच प्रतिशत या इससे कम होनी चाहिए तब ही संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सकता है।  </p>



<p><strong>3. कोरोना वायरस के नए रूपों का असर &nbsp;&nbsp;</strong><br>भारत सरकार बता चुकी है कि ब्रिटेन में सबसे पहले पहचाने गए वायरस के एक नए संस्करण के देश में 180 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। साथ ही दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील से दुनिया के दूसरे हिस्सों में फैले वायरस के एक और नए संस्करण के भी देश में कई मामले सामने आए हैं। हाल में देश में कोरोना का एक नया संस्करण भी पाया गया पर संक्रमण के पीछे इस वायरस के होने की पुष्टि सरकार ने नहीं की है। अशोका विश्वविद्यालय के महामारी विशेष शाहिद जमील का कहना है कि संक्रमण के चरम से देश के उबर जाने का मतलब यह नहीं है कि भारत दूसरी संभावित लहर से सुरक्षित है।&nbsp;</p>



<p><strong>4. बचाव के तरीकों में लापरवाही</strong><br>अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मानते हैं कि दिसंबर-जनवरी में देश में कोरोना संक्रमण घटा, जिसके बाद लोग लापरवाही करने लगे और जांचें भी कम हो गई। इस कारण भी अब देश के महाराष्ट्र समेत पांच राज्यों में संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि भारत में संक्रमण घटने के पीछे का एक अहम कारण बहुत बड़ी आबादी के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाना रहा होगा। हाल में जारी कई सिरो सर्वे के परिणाम इस बात की ओर इशारा करते हैं कि देश की बड़ी आबादी वायरस के जद में आकर खुद ही ठीक हो गई। इस तथ्य के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीयों को पिछले महीने घटे संक्रमण को लेकर अति उत्साहित नहीं होना चाहिए क्योंकि ऐसे बहुत से लोग हो सकते हैं जिनके शरीर में बिना लक्षण वाला कोरोना संक्रमण हो। इसलिए लापरवाही न बरती जाए। </p>



<p><strong>5.आबादी के हिसाब से धीमा टीकाकरण </strong><br>ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा संचालित आवर वर्ल्ड इन डाटा के मुताबिक, भारत प्रति सौ लोगों में मात्र एक को टीका लगा रहा। जबकि ब्रिटेन में हर सौ लोगों पर 27 और अमेरिका 19 लोगों को टीका लग रहा है। भारत का लक्ष्य जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है, जिसमें वह काफी पीछे है। अभी तक देश में कुल 1,34,72,643 लोगों को ही टीका लगा है जबकि मार्च के अंत तक देश में 3 करोड़ को टीका लगना है। एक मार्च से देश में 27 करोड़ बुजुर्ग व गंभीर मरीजों को टीका लगाया जाना है। भारत सरकार के आंकड़े बताते हैं कि देश में टीकाकरण के हर सेशन में लक्ष्य की तुलना में 35 प्रतिशत ही टीकाकरण हुआ।</p>
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		<title>इम्युनिटी बढ़ाने का जिम्मा संभाला लखनऊ के कॉफी हाउस ने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2020 20:37:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Immunity Booster]]></category>
		<category><![CDATA[आयुष काढ़ा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मेन्यू में शामिल हुआ इम्युनिटी बूस्टर (Immunity Booster ) काढ़ा लखनऊ। कोरोना ने इंसान की बहुत-सी आदतों में बदलाव कर दिया है। लोगों की पसन्द-नापसन्द बदल गयी है। जो पहले&#8230; </p>
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<h3 class="wp-block-heading">मेन्यू में शामिल हुआ इम्युनिटी बूस्टर (Immunity Booster ) काढ़ा</h3>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="512" src="http://soochanasansar.in/wp-content/uploads/2020/09/Immunity-Booster_02-copy-1024x512.jpg" alt="लखनऊ के कॉफी हाउस ने बेचना शुरू किया इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा। " class="wp-image-4565" srcset="https://janmudda.com/wp-content/uploads/2020/09/Immunity-Booster_02-copy-1024x512.jpg 1024w, https://janmudda.com/wp-content/uploads/2020/09/Immunity-Booster_02-copy-300x150.jpg 300w, https://janmudda.com/wp-content/uploads/2020/09/Immunity-Booster_02-copy-768x384.jpg 768w, https://janmudda.com/wp-content/uploads/2020/09/Immunity-Booster_02-copy.jpg 1134w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption><strong>लखनऊ के कॉफी हाउस ने बेचना शुरू किया इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा। </strong></figcaption></figure>



<p><strong>लखनऊ। </strong>कोरोना ने इंसान की बहुत-सी आदतों में बदलाव कर दिया है। लोगों की पसन्द-नापसन्द बदल गयी है। जो पहले अच्छा लगता था, कोरोना काल में वही बहुत बुरा लगने लगा है और तब की बुरी बातें जरूरी लगने लगी हैं। नापसन्दगी की सूची से निकल कर जरूरत बन गयी चीजों की सूची में सबसे ऊपरी पायदान पर पहुंचने का जो कमाल काढ़े ने किया है, वैसा कमाल सिर्फ मॉस्क ही कर पाया है। जिन्हें काढ़ा कड़वा लगता था, उसके जिक्र से जिनके मुंह का स्वाद खराब हो जाता था, वे अब काढ़े के स्वास्थ्यवर्धक गुणों के मुरीद हो गये हैं। जब तक टीका नहीं आ जाता, कोरोना से बचने के लिए इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता-Immunity) को कारगर हथियार माना जा रहा है।… और डॉक्टर कह रहे हैं कि इम्युनिटी की तलवार काढ़े से ही धारदार बनेगी। </p>



<p>… लेकिन काढ़ा बनाना सबके बस की बात नहीं है। विभिन्न औषधियों की उचित मात्रा में नाप-जोख, फिर उनका पाउडर बनाना, फिर धीमी आंच पर घंटों पकाना… कौन इतना करना चाहता है? बना-बनाया काढ़ा मिल जाये तो क्या बात है। कई कम्पनियों ने काढ़े के विभिन्न अवयवों को उचित अनुपात में मिलाकर उनके पैकेट बेचने शुरू कर दिये हैं, लेकिन उसे घंटों पकाना अभी कुछ दुर्धर्ष काढ़ाप्रेमियों के ही वश की बात है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कॉफी हाउस में मिलता है इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा</h3>



<p>लखनऊ का कॉफी हाउस ऐसे लोगों के लिए मददगार बनकर आया है, जो काढ़े के गुणों के बारे में जानते हैं और जिन्हें काढ़ा पीना भी है, लेकिन वे काढ़ा बनाने के लिए लोहे के चने चबाने जैसी मेहनत नहीं कर सकते। हजरतगंज स्थित कॉफी हाउस ने कॉफी और चाय के साथ &#8216;इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा&#8217; भी सर्व करना शुरू कर दिया है। इस तरह यहां के मेन्यू परिवार में एक और सदस्य की बढ़ोतरी हो गयी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कोरोना ने सिखा दिया है प्रतीक्षा करना</h3>



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<div class="wp-block-column is-layout-flow wp-block-column-is-layout-flow" style="flex-basis:33.33%">
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="2029" height="2560" src="http://soochanasansar.in/wp-content/uploads/2020/09/Aruna-singh-scaled.jpg" alt="कॉफी वर्कर्स को-आपरेटिव सोसायटी लि. की सचिव अरुणा सिंह" class="wp-image-4564" srcset="https://janmudda.com/wp-content/uploads/2020/09/Aruna-singh-scaled.jpg 2029w, https://janmudda.com/wp-content/uploads/2020/09/Aruna-singh-238x300.jpg 238w" sizes="(max-width: 2029px) 100vw, 2029px" /><figcaption><strong>अरुणा सिंह</strong></figcaption></figure>
</div>



<div class="wp-block-column is-layout-flow wp-block-column-is-layout-flow" style="flex-basis:66.66%">
<p>कॉफी हाउस की संचालक संस्था कॉफी वर्कर्स को-आपरेटिव सोसायटी लि. की सचिव अरुणा सिंह कहती हैं कि यह काढ़ा  सेवन करने वाले व्यक्ति की इम्युनिटी बढ़ाने में  अवश्य ही कारगर साबित होगा, क्योंकि इस काढ़े में गिलोय और तुलसी समेत आयुष मंत्रालय द्वारा अनुमन्य औषधियां ही इस्तेमाल की जाती हैं। चीनी की बजाय गुड़ का उपयोग करते हैं। वह कहती हैं कि कई बार ग्राहक को थोड़ी अधिक प्रतीक्षा करनी पड़ जाती है, क्योंकि यहां धीमी आंच पर काढ़ा बनाया जाता है, ताकि सभी औषधियां ठीक से पक जायें और उनके गुण काढ़े में आ जायें।  </p>
</div>
</div>



<p><br>यह पूछने पर कि काढ़ा बनाने में ज्यादा समय लगने पर लोग ऊब जाते होंगे, अरुणा सिंह ने कहा- कोरोना ने प्रतीक्षा करना सिखा दिया है। काढ़ा पीने लोग हजरतगंज में कॉफी हाउस आ रहे हैं तो जाहिर है कि वे कोरोना काल में जिन्दगी की रक्षा के लिए, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़े के महत्व को समझ रहे हैं। ऐसे में वे बिना कुछ कहे प्रतीक्षा करते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जिन्दगी कड़वी न हो जाये, इसलिए कड़वा काढ़ा ही ठीक</h3>



<p>काढ़े के कड़वे स्वाद को लेकर कभी किसी ग्राहक ने कुछ कहा, इस सवाल का जवाब वहां बैठे एक युवा जोड़े में से लड़की ने दिया। उसने कहा- &#8216;घर में किसी को भी कोरोना हो गया तो पूरे परिवार की जिन्दगी में कड़वाहट घुल जायेगी। अच्छा है कि हम काढ़े का कड़वापन बर्दाश्त कर लें और इसकी शिकायत करने के लिए बचे रहें।&#8217; लड़का बोला- &#8216;जब जान पर बनी हो तो स्वाद की चिन्ता किसे होगी? अब तो आदत-सी हो गयी है।&#8217;</p>



<h3 class="wp-block-heading">ऐसे तैयार होता है कॉफी हाउस का इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा</h3>



<p>अगला सवाल फिर अरुणा सिंह से था- &#8216;काढ़े में क्या-औषधियां या मसाले इस्तेमाल करती हैं?&#8217; इसका जवाब दिया काढ़ा बनाने का जिम्मा संभाल रहे अनिल ने। कई औषधियां दिखाते हुए उन्होंने बताया कि उनके इम्युनिटी बूस्टर काढ़े में &#8216;अदरक, कच्ची हल्दी, लौंग, तुलसी, मुलेठी, दालचीनी, काली मिर्च, गिलोय, लेमन ग्रास&#8217; उपयोग किया जाता है। थोड़ा गुड़ भी डालते हैं। सारी औषधियों के पाउडर का मिश्रण पानी के साथ धीमी आंच पर उबालते हैं। इस तरह तैयार होता है कॉफी हाउस का इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काढ़े से योगदान</h3>



<p>काढ़े को सामान्य पेय के रूप में प्रस्तुत करने की प्रेरणा अरुणा सिंह को समाज से ही मिली। उन्होंने कहा कि चिकित्सक, नर्सें और अन्य अस्पताल कर्मी, पुलिस, मीडियाकर्मी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हम समाज के इन अंगों का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन कुछ करने की इच्छा थी, तो हमने लोगों के लिए काढ़ा सुलभ बनाने की जिम्मेदारी उठायी, ताकि औषधियां लाने, कूटने-छानने, पकाने से झंझट से बचने के चक्कर में यदि कोई काढ़े के सेवन से वंचित रहता है तो यह ठीक नहीं है। इसलिए हमने इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा को अपने मेन्यू में शामिल किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">फिर इन्तजार किस बात का?</h3>



<p>… तो आप भी अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए उस कॉफी हाउस में बैठकर इम्युनिटी बूस्टर काढ़ा पी सकते हैं, जो लखनऊ की सांस्कृतिक और राजनीतिक विरासत का गवाह भी है और हिस्सा भी है।</p>
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