
भारत में होने वाली BRICS समिट को लेकर चीन ने अपना समर्थन जताया है, लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली आने पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. BRICS समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी. भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से मंगलवार को पूछा गया कि चीन की ओर से समिट में कौन शामिल होगा. उन्होंने कहा कि चीन BRICS सहयोग को बहुत महत्व देता है और भारत के सफल सम्मेलन आयोजित करने का समर्थन करता है. हालांकि, उन्होंने चीनी डेलिगेशन या जिनपिंग की मौजूदगी पर कोई साफ जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि अगर कोई नई जानकारी होगी तो उसे बताया जाएगा.
मोदी ने 2025 में शी को दिया था न्योता
भारत ने अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग को 2026 BRICS समिट में आने का न्योता दिया था. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिनपिंग ने मोदी के न्योते के लिए धन्यवाद दिया था और भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन किया था. लेकिन न्योता मिलने का मतलब जिनपिंग का सम्मेलन में आना तय होना नहीं है. 8 सितंबर तक चीन ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि शी जिनपिंग नई दिल्ली आएंगे या नहीं.
अगस्त में रायटर्स ने तीन सूत्रों के हवाले से बताया था कि जिनपिंग के समिट में आने की संभावना है. रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारी बड़े डेलिगेशन की तैयारी कर रहे थे. अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो यह सात साल में उनकी पहली भारत यात्रा होगी. हालांकि, यह अभी मीडिया रिपोर्ट है, चीन की आधिकारिक पुष्टि नहीं.
मोदी-जिनपिंग की पिछली मुलाकात कब हुई?
मोदी और शी की सबसे हालिया आमने-सामने मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में SCO समिट के दौरान हुई थी. मोदी की यह चीन यात्रा 7 साल बाद हुई थी. दोनों नेता इससे पहले अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में BRICS समिट के दौरान मिले थे.
अगर जिनपिंग नई दिल्ली आते हैं तो BRICS बैठक के अलावा भारत-चीन संबंधों के लिए भी यह अहम होगा. दोनों देश सीमा विवाद के बाद रिश्तों को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की BRICS समिट में मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है.