गुपचुप शादी, धोखा और धमकियों का खेल! आंध्र प्रदेश के निलंबित CI की करतूतों से मचा बवाल

आंध्र प्रदेश पुलिस विभाग में पुलिस अधिकारियों के नैतिक पतन और विवाहेतर संबंधों के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अभी पूर्व में हुए CI चाइना मल्लैया का मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि एक और निलंबित पुलिस अधिकारी की काली करतूत उजागर हो गई है. ओंगोल की रहने वाली पीड़ित महिला अरुणा कुमारी ने गुंटूर के पुलिस अधीक्षक (SP) वाकुल जिंदल से मुलाकात कर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है. पीड़िता ने निलंबित CI रामुलु नायक पर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने जैसे कई बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. 

पीड़ित महिला अरुणा कुमारी ने अपनी शिकायत में इस पूरी दास्तान का खुलासा किया है, जिसकी शुरुआत साल 2004 में हुई थी. अरुणा कुमारी की शादी 2004 में हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं. कुछ समय बाद पति के साथ गंभीर वैचारिक मतभेद होने के कारण वे अलग रहने लगीं और मदद के लिए ओंगोल पुलिस स्टेशन पहुंचीं. उस समय वहां सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर तैनात रामुलु नायक से उनका परिचय हुआ. 

शादीशुदा होने की बात छिपाई 

अकेलेपन से जूझ रही अरुणा कुमारी का फोन नंबर हासिल कर SI रामुलु नायक लगातार उनसे बातचीत करने लगा. धीरे-धीरे उसने महिला का विश्वास जीत लिया और उनके करीब आ गया. जब अरुणा कुमारी के माता-पिता उनकी दूसरी शादी की योजना बना रहे थे, तब रामुलु नायक उन्हें बहला-फुसलाकर श्रीशैलम ले गया. वहां उसने पहले से विवाहित होने की सच्चाई छुपाकर अरुणा कुमारी से गुपचुप तरीके से शादी कर ली और उनकी देखरेख करने लगा. 

प्रमोशन मिलते ही बदले तेवर

रामुलु नायक का असली चेहरा तब सामने आया जब उसका प्रमोशन हुआ और वह तेनाली का मुख्य सूचना अधिकारी (CI) बन गया. सीआई बनने के बाद उसने अरुणा कुमारी से दूरी बनानी शुरू कर दी. जब अरुणा कुमारी को उसके बदले व्यवहार पर शक हुआ, तो उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल की. जांच में पता चला कि रामुलु नायक का तेनाली में किसी तीसरी महिला के साथ भी बेहद गुप्त और अंतरंग संबंध चल रहा है.

विरोध करने पर दी धमकी

जब अरुणा कुमारी ने इस बात का विरोध किया, तो आरोपी CI आगबबूला हो गया. उसने पीड़िता को मुंह बंद रखने के लिए 30 लाख रुपये और सोना लेकर हमेशा के लिए दूर हो जाने का सौदा पेश किया. अरुणा कुमारी के इनकार करने पर उसने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी.

जेल जाने के बाद पार की दरिंदगी की हदें

आरोपी CI की धमकियों के आगे न झुकते हुए अरुणा कुमारी ने सबसे पहले तेनाली के डीएसपी से मामले की लिखित शिकायत की थी. DSP की प्रारंभिक जांच के आधार पर रामुलु नायक को दोषी पाया गया और उसे आपराधिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया.

जेल से बाहर आने के बाद रामुलु नायक का उत्पीड़न और अधिक हिंसक हो गया. उसने अरुणा कुमारी को ही अपनी इस दुर्गति और निलंबन का जिम्मेदार ठहराया. पीड़िता ने SP को बताया कि बदले की भावना से जल रहे रामुलु नायक ने न केवल उनके और बच्चों के जीवन को खतरे में डाल दिया है, बल्कि उनके कुछ बेहद निजी और अंतरंग पलों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए हैं. 

गुंटूर SP का कड़ा एक्शन; जांच के आदेश

अपनी और अपने बच्चों की जान को खतरे में देख आखिरकार अरुणा कुमारी ने गुंटूर के SP वाकुल जिंदल के कार्यालय में दस्तक दी. उन्होंने आरोपी अधिकारी से तत्काल सुरक्षा की मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी वाकुल जिंदल ने साफ किया कि आरोपी अधिकारी रामुलु नायक को विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप में पहले ही निलंबित किया जा चुका है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महिला की नई शिकायत के आधार पर तुरंत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

पुलिस महकमे के रक्षक ही जब भक्षक की भूमिका में नजर आने लगें, तो समाज का विश्वास डगमगाना स्वाभाविक है. पुलिस अधिकारियों का इस तरह एक के बाद एक महिलाओं के शोषण के मामले में नाम आना और सस्पेंड होना, अब पूरे प्रदेश में एक गंभीर और गर्मागर्म बहस का विषय बन चुका है.

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