92 करोड़ खर्च, लेकिन सुरक्षा पर सवाल! हमीरपुर पुल हादसे ने खोली पोल

हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल तेज आंधी और बारिश के दौरान ढह गया, जिससे छह मजदूरों की मौत हो गई. हादसे में कई मजदूर मलबे में दब गए, जबकि तीन को सुरक्षित बचा लिया गया. स्थानीय लोगों ने निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.

 उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन पुल गिरने से बड़ा हादसा हो गया. बेतवा नदी पर बन रहे इस पुल का एक पिलर और करीब 25 मीटर लंबा स्लैब तेज आंधी और तूफान के दौरान भरभराकर नदी में गिर गया. हादसे में छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. 

मोराकांदर गांव के पास उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की देखरेख में द सॉल्टर कंपनी बेतवा नदी पर पुल का निर्माण करा रही है. करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई लगभग 700 मीटर है. पुल का निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है. इस पुल के बन जाने से हमीरपुर के कुडौरा, मोराकांदर, छानी, बेरी, कुरारा समेत करीब 50 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. 

मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला

शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे मौसम अचानक खराब हो गया. तेज आंधी और बारिश के बीच पुल की सटरिंग, स्लैब और एक पिलर अचानक ढह गया. उस समय कुछ मजदूर पुल के ऊपर ही मौजूद थे और कुछ मजदूर वहीं आराम कर रहे थे. हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला. मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे, जबकि कुछ क्रेन की केबिन में छिप गए.

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने SDRF टीम की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया. पुल के ऊपर फंसे तीन मजदूरों को सकुशल नीचे उतार लिया गया. बाकि मलबे में दबे 6 शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

मृतकों की पहचान बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र निवासी लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, भूरागढ़ निवासी सावंत यादव, सभाजीत, हमीरपुर के स्वासा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान और अचपुरा निवासी 42 वर्षीय राजेश पाल के रूप में हुई है. हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया. राजेश पाल की बेटी शिवानी ने बताया कि उनके पिता ही परिवार के इकलौते कमाने वाले थे और अब परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है.

पुल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण में घटिया सामग्री और लापरवाही बरती जा रही थी. घटना के बाद पुल के पास हजारों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिन्हें हटाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

डीएम अभिषेक गोयल ने कहा कि पूरी घटना की जांच कराई जाएगी और हादसे के कारणों का पता लगने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.

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