
सीईआरटी-इन ने गूगल क्रोम यूजर्स के लिए सिक्योरिटी चेतावनी जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक ब्राउजर में कई ऐसी खामियां मिली हैं जिनका फायदा उठाकर हैकर्स सिस्टम को कंट्रोल कर सकते हैं. यूजर्स को तुरंत नया अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी गई है.
भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने गूगल क्रोम यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. एजेंसी ने क्रोम ब्राउजर में कई गंभीर सुरक्षा खामियों का पता लगाया है, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के सिस्टम पर हमला कर सकते हैं. इससे डिवाइस क्रैश होने या डिनायल ऑफ सर्विस जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है. यह खतरा विंडोज, मैक और लिनक्स डेस्कटॉप यूजर्स के लिए बताया गया है. लिनक्स पर 148.0.7778.178 से पुराने गूगल क्रोम वर्जन और विंडोज व मैक पर 148.0.7778.178 या 179 से पुराने वर्जन इस खामी से प्रभावित हो सकते हैं. सरकार ने सभी यूजर्स को तुरंत अपना गूगल क्रोम अपडेट करने की सलाह दी है. एजेंसी के अनुसार, अगर समय रहते अपडेट नहीं किया गया तो हैकर्स संवेदनशील डाटा चुरा सकते हैं या डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
गूगल क्रोम में मिली सुरक्षा खामियां
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने अपनी नई एडवाइजरी में बताया है कि गूगल क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन में कई खतरनाक सिक्योरिटी कमजोरियां पाई गई हैं. यह समस्या विंडोज, मैक और लिनक्स सिस्टम पर असर डाल सकती है. एजेंसी के अनुसार इन खामियों का फायदा उठाकर कोई भी रिमोट अटैकर सिस्टम में मनमाना कोड चला सकता है, सिक्योरिटी प्रतिबंधों को बायपास कर सकता है और संवेदनशील जानकारी चुरा सकता है. इतना ही नहीं, इससे डिवाइस क्रैश होने या डिनायल ऑफ सर्विस जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है. सरकार ने इसे गंभीर खतरा मानते हुए तुरंत अपडेट करने को कहा है.
पुराने वर्जन वाले यूजर्स पर ज्यादा खतरा
रिपोर्ट के अनुसार लिनक्स पर 148.0.7778.178 से पुराने गूगल क्रोम वर्जन और विंडोज व मैक पर 148.0.7778.178 या 179 से पुराने वर्जन प्रभावित बताए गए हैं. रिसर्चर्स के मुताबिक ये कमजोरियां वेबआरटीसी, जीपीयू, क्विक, एक्सआर और अन्य ब्राउजर कंपोनेंट्स में मौजूद हैं. हैकर्स किसी यूजर को खतरनाक वेबसाइट खोलने या फर्जी लिंक पर क्लिक कराने के जरिए हमला कर सकते हैं. जैसे ही यूजर उस लिंक को खोलता है, हमलावर सिस्टम में मालवेयर डाल सकता है या डाटा चोरी कर सकता है. यही वजह है कि साइबर एजेंसियां लगातार यूजर्स को ब्राउजर अपडेट रखने की सलाह देती रहती हैं.
तुरंत करें गूगल क्रोम अपडेट
सीईआरटी-इन ने साफ कहा है कि व्यक्तिगत यूजर्स से लेकर बड़ी कंपनियों तक, सभी लोग इस खतरे की चपेट में आ सकते हैं. अच्छी बात यह है कि गूगल ने इन कमजोरियों को ठीक करने के लिए नया सिक्योरिटी अपडेट जारी कर दिया है. यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपना गूगल क्रोम अपडेट करें. इसके लिए ब्राउजर खोलकर सेटिंग्स में जाएं और फिर अबाउट क्रोम सेक्शन ओपन करें. वहां ब्राउजर अपने आप नए अपडेट की जांच करेगा और लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल कर देगा. अपडेट पूरा होने के बाद ब्राउजर को रीस्टार्ट करना जरूरी होगा. साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि नियमित अपडेट ही ऑनलाइन सुरक्षा का सबसे आसान और मजबूत तरीका है.