
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से सैन्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने कैंट क्षेत्र से एक फर्जी ब्रिगेडियर को गिरफ्तार किया है, जो कि दो फर्जी NSG कमांडो सहित एक ड्राइवर को लेकर इलाके में घूम रहा था. सेना के अधिकारियों की शिकायत पर सदर बाजार थाने में फर्जी ब्रिगेडियर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है. पुलिस ने इनके पास से एक टाटा हैरियर गाड़ी, सेना से जुड़े फर्जी दस्तावेज, सेना के महत्वपूर्ण चिन्ह, आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित नकली पिस्तौल बरादम की है.
जिले के कैंट क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया, जो कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ ही नहीं, बल्कि कथित फर्जीवाड़ा और अधूरी हसरतों को पूरा करने के लिए रचा गया एक षड्यंत्र है. यहां थाना रोजा क्षेत्र की दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी का रहने वाला आर्यन वर्मा टाटा हैरियर कार से ड्राइवर सहित दो बाउंसर लेकर घूमने निकला था. कैंट क्षेत्र में बनाए गए म्यूजियम के पास जैसे ही आर्यन अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा तो वहां मौजूद रिटायर्ड सैन्य कर्मियों को इसकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं.
फर्जी ब्रिगेडियर अरेस्ट
इस बात की जानकारी तुरंत सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई. मौके पर पहुंचे कर्नल रैंक के अधिकारी की ओर से पड़ताल करने पर जो मामला निकलकर सामने आया वह बेहद ही चौंकाने वाला था. ब्रिगेडियर की वर्दी पहने युवक से जब पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम आर्यन वर्मा पुत्र अनिल वर्मा निवासी दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी थाना रोजा बताया. फर्जी ब्रिगेडियर के साथ गाड़ी चला रहा ड्राइवर और दो बाउंसर भी पकड़े गए.
आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज
इन लोगों के पास से भी सेना से जुड़े भारत सरकार के फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं. सेना के अधिकारी ने अपने उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया, जिस पर बरेली रेंज से सेना के उच्च अधिकारियों ने शाहजहांपुर पहुंचकर फर्जी ब्रिगेडियर और उसके साथियों से घंटों गहन पड़ताल और जरुरी पूछताछ की गईं. इसके बाद देर शाम सेना से जुड़े एक अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली सदर बाजार में आर्यन वर्मा पुत्र अनिल वर्मा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवाया गया है.
दो बार दी नीट की परीक्षा
वहीं, उपरोक्त पूरे प्रकरण के संबंध में सिटी सर्किल के सीओ पंकज पंत ने बताया कि रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी निवासी आर्यन वर्मा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है. साथ ही फर्जी ब्रिगेडियर बनकर वर्दी में घूम रहे आर्यन वर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, आर्यन वर्मा नीट की परीक्षा में फेल होने के बाद से फर्जी ब्रिगेडियर बनकर अपने अधूरी हसरत पूरी करना चाह रहा था.
हालांकि, उसकी इच्छा तो नीट क्वालीफाई करके डॉक्टर बनने की थी, लेकिन हसरत पूरी नहीं होने पर उसने ब्रिगेडियर बनकर अपनी ख्वाहिश पूरी करने का षड्यंत्र रचा. फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा के पिता अनिल वर्मा उद्यान विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, जबकि माता सरकारी स्कूल में टीचर हैं. आर्यन वर्मा ने दो बार नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन वह इसमें सफल नहीं रहा.