यूपी सरकार का नया आदेश: जिला पंचायत अध्यक्षों को मिला प्रशासक का दर्जा, अब नहीं ले सकेंगे नीतिगत निर्णय

उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्षों को 6 महीने के लिए प्रशासक बनाया गया है. इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने आदेश भी जारी कर दिया है. दरअसल, इन जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को खत्म हो रहा है, लेकिन 12 जुलाई से नई जिला पंचायतों के गठन तक संबंधित जिलों के मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक के रूप में काम करेंगे. इन प्रशासकों को सिर्फ सामान्य एवं नियमित कार्य करने की अनुमति होगी, वो कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे. 

हालांकि अगर किसी विशेष परिस्थिति में प्रशासकों का नीतिगत फैसला लेना जरूरी होगा, तो उसका प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा. जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में विधिवत नामित करें. 

11 जुलाई को खत्म हो रहा जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंचायती राज विभाग ने शासन को पहले ही जिला पंचायत अध्यक्षों के कार्यकाल से संबंधित प्रस्ताव भेज दिया था, जिसपर अब सरकार ने मुहर लगा दी है. दरअसल, साल 2011 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचित हुए सभी जिला पंचायत अध्यक्षों की पहली बैठक 12 जुलाई 2021 को आयोजित हुई थी और इसी आधार पर उनका कार्यकाल 11 जुलाई को खत्म हो रहा है. इससे पहले जब 26 मई को ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल खत्म हुआ था, तो राज्य सरकार ने उन्हीं ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया था और ऐसा पहली बार हुआ था, जबकि पहले प्रशासक की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी जाती थी. अब इसी व्यवस्था को जिला पंचायत अध्यक्षों पर भी लागू कर दिया गया है.

ब्लॉक प्रमुखों का क्या होगा?

अब जब जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त किया जा चुका है, ऐसे में ब्लॉक प्रमुखों के लिए भी उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. दरअसल, ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को खत्म हो रहा है और उन्हें भी प्रशासक बनाया जा सकता है. माना जा रहा है कि इस संबंध में 18 जुलाई को आदेश जारी किया जा सकता है.

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