
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद अंतर्गत छर्रा थाना इलाके से एक बेहद विचलित करने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां एक गांव में सब्जी खरीदने निकली नाबालिग किशोरी को दो युवकों ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया. आरोप है कि दोनों दरिंदों ने पीड़िता को उसके घर से 4 किलोमीटर दूर एक सुनसान मकान में ले जाकर जबरन शराब पिलाई और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना को अंजाम दिया. दरिंदों की क्रूरता के चलते किशोरी लहूलुहान होकर बेहोश हो गई, जिसे गंभीर हालत में महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है.
ये पूरी वारदात अलीगढ़ के छर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रुखाले की है, जहां एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मुस्लिम समाज की नाबालिग किशोरी शनिवार को अपने घर से रोजाना की तरह बाजार में सब्जी खरीदने के लिए निकली थी. रास्ते में घात लगाए बैठे गांव के ही दो युवकों ने उसे अपने झांसे में लिया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए.
आरोपी किशोरी को खींचकर उसके घर से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित एक मकान में ले गए. परिजनों का आरोप है कि वहां दोनों ने मासूम को जबरदस्ती शराब पिलाई, जिससे वह प्रतिशोध करने की स्थिति में न रहे. इसके बाद उसे मकान की दूसरी मंजिल (सेकंड फ्लोर) पर ले जाया गया.
होंठ सूजे, शरीर पर मिले दांतों से काटने के निशान
मकान की दूसरी मंजिल पर दोनों दरिंदों ने किशोरी की अस्मत पर हाथ डाला और उसके साथ हैवानियत का नंगा नाच खेला. दोनों आरोपियों ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इस दौरान जब पीड़िता ने खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ जमकर मारपीट की और शारीरिक क्रूरता की. हैवानियत का आलम यह था कि दरिंदगी के कारण किशोरी के होंठ बुरी तरह सूज गए. उसके चेहरे, गर्दन और पूरे शरीर पर दरिंदों द्वारा दांतों से काटने के गहरे व खौफनाक निशान मिले हैं. इस बर्बरता को मासूम का शरीर बर्दाश्त नहीं कर सका और वह मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गई.
गांव वालों ने दी सूचना, भागने के चक्कर में छत से कूदा आरोपी
इस बीच गांव के एक जागरूक नागरिक को मकान के अंदर कुछ संदिग्ध होने की भनक लगी, जिसने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. सूचना मिलते ही छर्रा थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गई. पुलिस की गाड़ियों का सायरन सुनते ही दोनों आरोपियों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने भागने की कोशिश की. इस भगदड़ के दौरान एक आरोपी खुद को घिरा देख दूसरी मंजिल से सीधे पहली मंजिल पर कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल (घायल) हो गया.
मौके पर भारी संख्या में रुखाले गांव के ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए थे. दरिंदगी की बात पता चलते ही ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने दोनों आरोपियों को पकड़कर उनकी जमकर पिटाई (धुनाई) कर दी. पुलिस ने किसी तरह भारी मशक्कत के बाद दोनों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अपनी हिरासत में लिया.
किशन गोपाल और संजू गिरफ्तार, माता-पिता ने मांगी फांसी की सजा
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को जेल भेजने की कवायद शुरू कर दी है. पुलिस गिरफ्त में आए दोनों दरिंदों की पहचान किशन गोपाल वाल्मीकि और संजू वाल्मीकि के रूप में हुई है. पुलिस ने बेहोश और गंभीर रूप से घायल किशोरी को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल परीक्षण और बेहतर इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी देखरेख कर रही है.
घटना के बाद से पीड़िता के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पीड़ित माता-पिता ने पुलिस के आला अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर और रोते हुए दोनों दरिंदों को सरेआम फांसी की सजा देने की मांग उठाई है.