
जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के उरी सेक्टर में मंगलवार (9 जून) को लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास अचानक एक ग्रेनेड के फटने से सेना के दो जवान शहीद हो गए. दोनों जवान महाराष्ट्र के ठाणे और सतारा जिले के रहने वाले थे. जिनकी पहचान र्जुन जाधव और विक्रम बालकृष्ण के रूप में हुई है.
अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में में दोनों जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. जिसके बाद उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद उन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया. हालांकि डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद, दोनों जवानों ने दम तोड़ दिया. ये हादसा शाम करीब 4:30 बजे हुआ.
कमलकोट में हुआ हादसा
अधिकारियों ने बताया कि उरी के कमलकोट स्थित एक शिविर में उपकरणों के नियमित हस्तांतरण के दौरान एक हैंड ग्रेनेड गलती से फट गया, जिससे दो जवान घायल हो गए. दोनों शहीद जवानों की पहचान अर्जुन जाधव और विक्रम बालकृष्ण के रूप में हुई है. दोनों महाराष्ट्र के रहने वाले थे और 8 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे.
हादसे की जांच जारी
इस घटना पर सेना ने दुख जताया है. अधिकारियों के मुताबिक दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि ये हादसा कैसे हुआ फिलहाल इसकी जांच की जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके.
LoC की सुरक्षा में तैनात सेना के जवान
जम्मू-कश्मीर में 740 किमी लंबी LoC बारामुला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों से गुजरती है. जम्मू डिवीजन में LoC पूंछ, राजौरी और जम्मू जिले में है. इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश की 240 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा सांबा, जम्मू और कठुआ जिलों से लगती है. LoC की सुरक्षा सेना करती है जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की जिम्मेदारी BSF के पास है. दोनों ही फोर्स सीमा पर घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात .
पाकिस्तान पर कड़ी नजर
पाकिस्तान की तरफ से आतंकी संगठनों की मदद से ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थ गिराए जा रहे हैं. इन्हें आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाकर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाते हैं. इसी खतरे को देखते हुए LoC और IB पर हाईटेक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं.