शादी के नाम पर बड़ा धोखा: लखनऊ से राजस्थान तक सक्रिय दुल्हन गैंग, 20 युवतियां बनीं शिकार

राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय किशोरियों को बेहतर जीवन, घूमने-फिरने और अच्छे कपड़ों का लालच देकर फंसाता था. फिर उन्हें राजस्थान ले जाकर ‘शादी’ के नाम पर बेच दिया जाता था. पुलिस ने बुधवार देर रात अतरौली क्रॉसिंग के पास से गिरोह की चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें एक महिला, दो पुरुष और एक 17 वर्षीय बाल अपराधी शामिल है. आरोपियों की निशानदेही पर दो चार पहिया वाहन भी बरामद किए गए हैं. 

कैसे हुआ खुलासा?

12 मई को मोहनलालगंज के गनियार गांव निवासी कमलेशा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 और 12 वर्षीय नातिनों को रिश्तेदारी का एक लड़का और उसकी सहयोगी बहला-फुसलाकर ले गए हैं. DCP दक्षिणी आर. वसंत कुमार के निर्देशन में चार पुलिस टीमों ने 24 दिनों तक लगातार छानबीन की. 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई. 18 मई को दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया गया. पूछताछ में बच्चों ने जो खुलासा किया, उससे पुलिस हैरान रह गई. लड़कियों ने बताया कि उन्हें राजस्थान ले जाकर शादी के नाम पर बेचने की तैयारी चल रही थी.

गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी

इंस्पेक्टर मोहनलालगंज बजेश त्रिपाठी के अनुसार, पूछताछ में प्रिया पटेल ने बताया कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात राजस्थान के कोटा निवासी सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी से हुई थी. इसके बाद उसने किशोरियों की तलाश शुरू कर दी.

कैसे काम करता था ये गिरोह?

  • कमजोर परिवार की लड़कियों को लालच दिया जाता.
  • फिर सभी को रायबरेली लाया जाता.
  • नए कपड़े पहनाए जाते और आकर्षक तस्वीरें खींची जातीं.
  • तस्वीरें राजस्थान भेजी जातीं.
  • सौदा तय होने पर लड़कियों को वहां ले जाकर बेच दिया जाता.

6 साल से सक्रिय गिरोह, 20 से ज्यादा शिकार

आरोपियों ने स्वीकार किया कि एक किशोरी के बदले उन्हें एक से डेढ़ लाख रुपए तक मिलते थे. पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पिछले छह वर्षों से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक किशोरियों को बेच चुका है. रायबरेली की दो सगी बहनों को भी इसी गिरोह ने कुछ समय पहले राजस्थान में बेच दिया था.

राजस्थान के मुख्य सूत्रधार सोनम और भूपेंद्र चौधरी अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. साथ ही गिरोह के पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और संभावित पीड़िताओं की पहचान के लिए जांच जारी है. गिरफ्तार आरोपियों में अनुराग यादव निवासी रायबरेली, मिल एरिया, परेपड़क कोडरस बिजूर, अख्तर निवासी रायबरेली गुरुबक्शगंज, कोरिहर सताव, प्रिया पटेल उर्फ शीला निवासी रायबरेली, भदोखर, पूरे भोला मेजरगंज और एक 17 वर्षीय बाल अपराधी है.

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