
उत्तर प्रदेश के बरेली में सोमवार सुबह संजय नगर चौराहे के पास CNG सिलेंडरों से भरा ट्रक बारिश के बीच सड़क पर पलट गया. ट्रक के पलटते ही गैस का रिसाव शुरू हो गया और तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दीं. आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग नींद से उठकर बाहर निकल आए. कुछ ही मिनटों में मौके पर लोगों की भीड़ लग गई. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया.
ड्राइवर विजय ने बताया कि वह हल्द्वानी से ट्रक खाली करके बरेली लौट रहा था. ट्रक में करीब 60 से ज्यादा CNG सिलेंडर थे. बताया जा रहा है कि सिलेंडरों में प्रेशर होने की वजह से ट्रक पलटने के बाद गैस का रिसाव शुरू हो गया. ट्रक के नीचे दबे वाल्वों के कारण गैस लगातार निकलती रही, जिससे आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया.
स्थानीय लोगों ने दिखाई हिम्मत, शीशा तोड़कर निकाला ड्राइवर
हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर केबिन में ही फंस गया. आसपास मौजूद ऑटो चालकों और स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रक के शीशे तोड़े और करीब 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. बाद में उसे प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि अगर कुछ मिनट और देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
पास के अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सुबह अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी. पहले लोगों को लगा कि कोई बड़ा विस्फोट हुआ है, लेकिन बाहर निकलकर देखा तो गैस से भरा ट्रक सड़क पर पलटा पड़ा था. इसके बाद कई लोग मदद के लिए मौके पर पहुंच गए.
पेट्रोल पंप पास होने से बढ़ी चिंता, बिजली काटकर रोका गया ट्रैफिक
जिस जगह ट्रक पलटा, वहां से करीब 200 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप है. गैस रिसाव की सूचना मिलते ही एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके की बिजली बंद कर दी गई ताकि किसी तरह की चिंगारी से आग न लग सके. पुलिस ने पूरे इलाके का ट्रैफिक रोक दिया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी.
फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर स्टेशन के जूनियर अधिकारी संजीव यादव अपनी टीम के साथ गैस रिसाव रोकने और स्थिति को सामान्य करने में जुटे रहे. धीरे-धीरे ट्रक के दबे हुए वाल्व बंद किए गए, जिसके बाद गैस का रिसाव कम हुआ.
समय रहते स्थानीय लोगों की सतर्कता, पुलिस और फायर ब्रिगेड की तेजी से कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल ट्रक को सुरक्षित तरीके से हटाने और यातायात सामान्य कराने का काम जारी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे की वजह भी पता लगा रही है.
वहीं फायर विभाग के जूनियर अफसर संजीव यादव ने बताया कि उन्हें सुबह तड़के सूचना मिली मौके पर वह दो फायर की गाड़ियां लेकर पहुंचे और इसमें लगभग 60 सिलेंडर भरे हुए थे जो कि खाली थे लेकिन प्रेशर था इस वजह से गैस लीकेज हो रही थी ट्रक पलटने से बाल जो थे वह दब गए जैसे तैसे बड़ी-बड़ी मसक्कत के बाद यहां आप रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है