
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से न सिर्फ राज्य में बल्कि देश की सियासी फिजा ही बदल गई है. चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करने वाली ममता बनर्जी अपनी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में लगातार बगावत का सामना कर रही हैं. विधानसभा के बाद लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भी ममता के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं. ऐसे में कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या ममता अपनी बची-खुची पार्टी का कांग्रेस में विलय कर नए तेवर के साथ सियासत करेंगी?
तृणमूल कांग्रेस में मची उथल-पुथल के बीच ममता पिछले दिनों विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आई थीं. गठबंधन की बैठक के बाद मंगलवार को उन्होंने कांग्रेस संसदीय दाल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद यह चर्चा हर ओर होने लगी कि क्या ममता बड़ा दांव चलते हुए अपनी टीएमसी का कांग्रेस में विलय करवा देंगी. हालांकि दोनों दलों की ओर से इन दावों का खंडन किया गया. कांग्रेस ने इस चर्चा को गलत बताया.
सोनिया-ममता मुलाकात पर क्या बोली कांग्रेस
दोनों दलों के विलय से जुड़ी उन खबरों को कांग्रेस ने पूरी तरह से गलत करार दिया, जिनमें यह दावा किया गया कि पार्टी संसदीय दाल की अध्यक्ष सोनिया और तृणमूल की प्रमुख ममता के बीच हुई मुलाकात के दौरान विलय संबंधी मसले पर भी चर्चा हुई थी. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दोनों नेताओं ने अपने निजी मसलों को लेकर आपसी चर्चा की थी.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात को लेकर आई खबर पूरी तरह से गलत हैं. यह बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण रही और उनके लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए कई व्यक्तिगत विषयों पर बातचीत हुई है.”
बैठक को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं
दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक की जानकारी किसी भी पक्ष ने सार्वजनिक नहीं की, लेकिन सूत्रों का यह कहना है कि ममता ने मुलाकात के दौरान विपक्ष दलों की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि INDIA गठबंधन को जनता से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.
टीएमसी में जारी बगावत के बीच ममता ने परसों मंगलवार को सोनिया से उनके आवास पर मुलाकात की थी. सोनिया और ममता के बीच मुलाकात के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कल बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की.
ये कयास बेबुनियादः TMC नेता
मुलाकात को लेकर इस तरह का दावा किया जाने लगा कि दोनों महिला नेताओं की मुलाकात के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से ममता को यह प्रस्ताव दिया गया कि वे अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दें.
तृणमूल कांग्रेस ने भी कांग्रेस के साथ विलय की अटकलों को सिरे से नकार दिया. ममता की अगुवाई वाले टीएमसी ने कहा कि इस तरह की कोई योजना नहीं है. तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इन खबरों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद करार दिया. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, “हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. यह बेबुनियाद है.”