
संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चंदे की कथित चोरी और दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है. विपक्ष के विरोध के बीच केंद्र सरकार आज (सोमवार, 3 अगस्त) को चार अहम विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है. मानसून सत्र में खत्म होने में अब महज 9 दिन ही बचे हैं, ऐसे में सरकार की कोशिश है कि 3 अगस्त को सदन के स्थगित होने से पहले महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करा लिया जाए. वहीं एक बार फिर आज सदन में हंगामा होने के आसार हैं.
केंद्र सरकार जिन चार महत्वपूर्ण विधेयकों को आज पेश करेगा उनमें उनमें सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 37 करने से जुड़ा विधेयक भी शामिल है. इसके अलावा सरकार भारतीय सांख्यिकी संस्थान (इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टीट्यूट) के लिए व्यापक वैधानिक ढांचा उपलब्ध कराने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास अधिनियम में संशोधन से जुड़े विधेयक भी संसद में पेश करने की तैयारी में है.
विदेशी अंशदान विनियमन कानून
विपक्षी नेताओं के अनुसार सरकार इस सत्र में विदेशी अंशदान विनियमन कानून (FCRA) संशोधन विधेयक भी पारित कराने की तैयारी में है. विपक्षी दलों का कहना है कि इस प्रस्तावित कानून से सरकार को उन संस्थाओं की संपत्तियों पर नियंत्रण का अधिकार मिल सकता है, जिनका एफसीआरए पंजीकरण नवीनीकृत नहीं होता. तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को विस्तृत जांच के लिए संसदीय समिति को भेजा जाना चाहिए.
विपक्ष के विरोध के बीच 2 अहम बिल पारित
पिछले सप्ताह विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने दो अहम विधेयकों को संसद से पारित कराया था. संसद ने वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण प्रदान करने वाले विधेयक को पारित कर दिया. वहीं संसद ने जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को और सख्त करने वाले विधेयक को पारित कर दिया.
विपक्ष के आरोपों को रिजिजू ने किया खारिज
विपक्ष का आरोप है कि सरकार पर्याप्त चर्चा कराए बिना जल्दबाजी में कानून पारित करा रही है. इधर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सदन में बार-बार होने वाले व्यवधानों ने बहस के लिए बहुत कम गुंजाइश छोड़ी है.
उन्होंने कहा ‘आप कहते हैं कि सरकार जबरदस्ती विधेयक पारित करती है. आप यह आरोप नहीं लगा सकते, क्योंकि आपने अपना मौका गंवा दिया है. भविष्य में हम जो भी विधेयक लाएंगे, अगर आप उन पर भी इसी तरह का हंगामा करेंगे, तो यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा. इसलिए कृपया सहयोग करें और हंगामा न करें’.
राम मंदिर विवाद और छात्र हिंसा पर विपक्ष हमलावर
दूसरी तरफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राम मंदिर में मिले दान के कथित गबन के मामले को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं. साथ ही विपक्ष 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग कर रहा है.