
उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक (Chief Whip) पद से इस्तीफा दे दिया है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ सीट से विधायक हैं. विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आए इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है.
कमाल अख्तर के इस्तीफे को पार्टी के अंदर बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, मुरादाबाद मंडल की राजनीति में कमाल अख्तर और रुचि वीरा के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे. हाल के विवाद के बाद सपा अध्यक्ष ने दोनों नेताओं को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय बुलाकर बातचीत भी की थी, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं सका.
कमाल अख्तर ने बताई इस्तीफे की वजह
हालांकि कमाल अख्तर ने इस्तीफे के बाद विवाद को वजह मानने से इनकार किया है. उनका कहना है कि उन्होंने यह निर्णय अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया है. उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं और राष्ट्रीय अध्यक्ष जो भी जिम्मेदारी देंगे, उसका पूरी निष्ठा से पालन करूंगा.
2024 में बनाया गया था मुख्य सचेतक
कमाल अख्तर को जुलाई 2024 में समाजवादी पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया गया था. पार्टी की तरफ से कमाल अख्तर के इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को मुरादाबाद क्षेत्र की गुटबाजी, वरिष्ठ नेता के प्रभाव और पार्टी के भीतर बदलते शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है.
संगठन में अनुशासन का स्पष्ट संदेश
सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी नेतृत्व संगठन में अनुशासन का स्पष्ट संदेश देना चाहता है. ऐसे समय में जब पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, आंतरिक खींचतान विपक्ष को राजनीतिक हमला करने का अवसर दे सकती है.
इसी बीच पार्टी के अंदर यह चर्चा भी तेज है कि दलित चेहरे को नया मुख्य सचेतक बनाया जा सकता है. माना जा रहा है कि दलित चेहरे को यह जिम्मेदारी देकर पार्टी अपने पीडीए सामाजिक समीकरण को और मजबूत करने का प्रयास कर सकती है. हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
सपा सांसद रुचि वीरा का बयान
कमाल अख्तर के इस्तीफा के बाद मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा का बयान सामने आया है. मीडिया से बात करते हु उन्होंने कहा ‘मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से शिकायत की थी. जिसके बाद अध्यक्ष जी ने कार्रवाई की है. मैं उनका धन्यवाद करती हूं. जो भी पिछले दिनों से प्रकरण चल रहा था राष्ट्रीय अध्यक्ष बेहतर जानते हैं. मैंने उनको अवगत करा दिया था’.
उन्होंने कहा कि ‘ अध्यक्ष जी का धन्यवाद करती हूं और प्रशंसा करती हूं.अध्यक्ष जी महिलाओं का सम्मान करते हैं.पार्टी में अनुशासन बनाने का काम करते हैं. हम लोगों को बीजेपी से लड़ना है आपस में नहीं लड़ना है. हमें राष्ट्रीय अध्यक्ष बार-बार निर्देश दे रहे हैं कि चुनाव में लगो. इस मुद्दे को बीजेपी ने ज्यादा ही उछाल दिया था. ये पार्टी का अंदरूनी मामला किसको बनाते है और किसको हटाते है’.