
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. हैरानी की बात यह है कि शातिर ठगों ने सबसे पहले पुलिस की पीआरवी और डायल-112 टीम को ही अपने जाल में फंसाया और उनसे गोपनीय जानकारियां हासिल कर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाया. मामले का खुलासा करते हुए कन्नौज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अमन कुमार तिवारी और रामवीर जनपद शाहजहांपुर के रहने वाले हैं. दोनों बेहद शातिर तरीके से लोगों से ठगी करते थे. उनका तरीका इतना अलग था कि शुरुआत में पुलिस कर्मी भी उनकी चाल को समझ नहीं पाए. आरोपी सबसे पहले पीआरवी और डायल-112 पर तैनात पुलिसकर्मियों को फोन करते थे और खुद को पुलिस मुख्यालय का अधिकारी बताते थे.
आरोपी ऐसे करते थे ठगी
इसके बाद वे पूछते थे कि दिनभर में किन-किन मामलों में कार्रवाई हुई और संबंधित पीड़ितों के मोबाइल नंबर क्या हैं? मुख्यालय से फोन आने की बात मानकर कई पुलिसकर्मी उन्हें जानकारी दे देते थे. पीड़ितों की जानकारी मिलने के बाद आरोपी उन लोगों को फोन कर खुद को थाने का कर्मचारी बताते थे. वे पूछते थे कि डायल-112 की कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं या नहीं और यदि मामले में आगे कार्रवाई या निपटारा चाहते हैं तो उन्हें एक क्यूआर कोड भेजकर पैसे जमा करने को कहते थे.
SP विनोद कुमार ने क्या कहा?
इस तरह दोनों आरोपियों ने कई लोगों से हजारों रुपये की ठगी की. जब इस तरह की शिकायतें लगातार कन्नौज पुलिस तक पहुंचीं तो पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल कन्नौज ही नहीं, बल्कि कई अन्य जनपदों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं.फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
आशंका जताई जा रही है कि इस ठगी के नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.